कैमूर में विद्यालयों की सुरक्षा संभालने वाले रात्रि प्रहरियों ने बकाया मानदेय समेत विभिन्न मांगों को लेकर लिच्छवी भवन के सामने धरना दिया। प्रहरियों का कहना है कि मई और जून महीने का मानदेय अब तक नहीं मिला है। इससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की पढ़ाई और दवाइयों का खर्च उठाना भी मुश्किल हो रहा है। हर महीने की पहली तारीख को मानदेय देने की मांग धरना दे रहे रात्रि प्रहरियों ने सरकार से हर महीने की एक तारीख को नियमित रूप से मानदेय भुगतान की मांग की। उन्होंने आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ से पहले मई-जून का बकाया भुगतान करने की मांग उठाई, ताकि त्योहार के समय परिवारों को आर्थिक परेशानी न हो। स्थायीकरण और सीधे खाते में भुगतान की मांग प्रहरियों की प्रमुख मांगों में सेवा का स्थायीकरण, सीएफपी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में मानदेय भेजना और सेवा पुस्तिका का संधारण शामिल है। इसके अलावा सेवा के दौरान मृत्यु होने पर अनुकंपा के आधार पर बहाली की मांग भी की गई। खाली पदों पर समायोजन की मां रात्रि प्रहरियों ने विद्यालयों में खाली लिपिक और परिचारी के पदों पर योग्यता एवं अनुभव के आधार पर समायोजन की मांग रखी। नई नियुक्तियों में भी उनके पूर्व अनुभव के आधार पर वेटेज देने की मांग की गई है। मांगें नहीं मानीं तो पटना में बड़ा आंदोलन संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया और बकाया मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो पटना में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। धरने में जिलाध्यक्ष श्रीकांत कुमार, रिंकू राम गोंड सहित बड़ी संख्या में रात्रि प्रहरी और कर्मचारी मौजूद रहे। कैमूर में विद्यालयों की सुरक्षा संभालने वाले रात्रि प्रहरियों ने बकाया मानदेय समेत विभिन्न मांगों को लेकर लिच्छवी भवन के सामने धरना दिया। प्रहरियों का कहना है कि मई और जून महीने का मानदेय अब तक नहीं मिला है। इससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की पढ़ाई और दवाइयों का खर्च उठाना भी मुश्किल हो रहा है। हर महीने की पहली तारीख को मानदेय देने की मांग धरना दे रहे रात्रि प्रहरियों ने सरकार से हर महीने की एक तारीख को नियमित रूप से मानदेय भुगतान की मांग की। उन्होंने आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ से पहले मई-जून का बकाया भुगतान करने की मांग उठाई, ताकि त्योहार के समय परिवारों को आर्थिक परेशानी न हो। स्थायीकरण और सीधे खाते में भुगतान की मांग प्रहरियों की प्रमुख मांगों में सेवा का स्थायीकरण, सीएफपी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में मानदेय भेजना और सेवा पुस्तिका का संधारण शामिल है। इसके अलावा सेवा के दौरान मृत्यु होने पर अनुकंपा के आधार पर बहाली की मांग भी की गई। खाली पदों पर समायोजन की मां रात्रि प्रहरियों ने विद्यालयों में खाली लिपिक और परिचारी के पदों पर योग्यता एवं अनुभव के आधार पर समायोजन की मांग रखी। नई नियुक्तियों में भी उनके पूर्व अनुभव के आधार पर वेटेज देने की मांग की गई है। मांगें नहीं मानीं तो पटना में बड़ा आंदोलन संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया और बकाया मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो पटना में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। धरने में जिलाध्यक्ष श्रीकांत कुमार, रिंकू राम गोंड सहित बड़ी संख्या में रात्रि प्रहरी और कर्मचारी मौजूद रहे।

