कैदी की मौत के बाद गोंडा में सड़क पर शव:गोंडा में परिजनों ने जेल में जहरीला खाना देने का लगाया आरोप

कैदी की मौत के बाद गोंडा में सड़क पर शव:गोंडा में परिजनों ने जेल में जहरीला खाना देने का लगाया आरोप

गोंडा मंडलीय कारागार में बंद कैदी राम गणेश पाल की लखनऊ केजीएमयू में इलाज के दौरान रविवार को मौत हो गई। करीब 10 दिन तक इलाज चलने के बाद मौत की खबर सोमवार सुबह शव घर पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने दुबहा बाजार के दानववीर चौराहे पर शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब एक घंटे से चल रहे प्रदर्शन के कारण नरायनपुर जाने वाला मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण सड़क पर बैठकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सूचना मिलते ही कौड़िया थाना प्रभारी शशि कुमार राणा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। तीन महीने से जेल में बंद था राम गणेश कौड़िया थाना पुलिस के मुताबिक राम गणेश पाल पिछले करीब तीन महीने से गोंडा मंडलीय कारागार में बंद था। उसे कौड़िया पुलिस ने जेल भेजा था। जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए लखनऊ केजीएमयू ले जाया गया था, जहां करीब 10 दिन बाद रविवार को उसकी मौत हो गई। सोमवार सुबह करीब 10 बजे शव घर पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों ने आक्रोश जताना शुरू कर दिया। इसके बाद शव को दानववीर चौराहे पर सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।
परिजनों का आरोप- जेल में दिया गया जहरीला खाना प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने गोंडा जिला जेल प्रशासन और चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जेल में राम गणेश को खाने में जहरीला पदार्थ दिया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि राम गणेश का बिना सहमति के दो बार ऑपरेशन किया गया। इन आरोपों को लेकर परिवार के लोग निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। सड़क पर शव रखकर बैठे ग्रामीण और महिलाएं राम गणेश का शव सड़क पर रखे जाने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। महिलाओं ने भी सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। इसके चलते नरायनपुर जाने वाला मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और आवागमन प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जिलाधिकारी या पुलिस अधीक्षक स्तर का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दे। पुलिस बोली- समझाने का प्रयास जारी कौड़िया थाना प्रभारी शशि कुमार राणा ने बताया कि राम गणेश पिछले करीब तीन महीने से गोंडा मंडलीय कारागार में बंद था। पुलिस ने उसे जेल भेजा था। लखनऊ में करीब 10 दिन इलाज चलने के बाद उसकी मौत हुई।उन्होंने बताया कि सोमवार को शव घर पहुंचने के बाद परिजन प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस मौके पर मौजूद है और परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

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