कानपुर में आरडीएसएस स्काडा योजना के तहत विकास नगर और दयानंद विहार क्षेत्रों में लगाए जा रहे आरएमयू, सेक्शनलाइजर, ऑटो रिक्लोजर और विधुत उपकरणों का गुरुवार को केस्को एमडी नेहा जैन ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपकरणों की स्थापना, कनेक्टिविटी, संचालन व्यवस्था और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों एवं तकनीकी कार्मिकों ने बताया कि इन उपकरणों के जरिए विधुत नेटवर्क में आने वाले फॉल्ट की पहचान और प्रभावित हिस्से को अलग करने में मदद मिलेगी। इससे शेष क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को कम समय में बनाए रखने अथवा बहाल करने में सहायता मिलेगी।
प्रबन्ध निदेशक ने उपकरणों के रिमोट ऑपरेशन, फॉल्ट की पहचान एवं प्रथक्करण, विधुत आपूर्ति की त्वरित बहाली तथा फीडर संचालन में उनकी भूमिका की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि आरडीएसएस स्काडा योजना के कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि केस्को उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके। 33/11 केवी उपकेन्द्रों का भी निरीक्षण
इसके साथ ही प्रबन्ध निदेशक ने 33/11 केवी विकास नगर एवं दयानंद विहार उपकेन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने उपकेन्द्रों की कार्यप्रणाली और विधुत आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं से प्राप्त होने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही विधुत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक तकनीकी कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
फॉल्ट होने पर ऐसे मिलेगी राहत
स्काडा से जुड़े उपकरणों के सक्रिय होने के बाद विधुत नेटवर्क के किसी हिस्से में फॉल्ट आने पर प्रभावित हिस्से को अलग करने में मदद मिलेगी। इससे पूरे फीडर की बिजली बंद करने की जरूरत कम होगी और दोषयुक्त हिस्से को प्रथक कर बाकी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल की जा सकेगी।


