कुरुक्षेत्र में दशहरा उत्सव और भगवान श्री राम की शोभायात्रा को लेकर BJP के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा और कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा आमने-सामने हैं। एक तरफ थीम पार्क में कुरुक्षेत्र दशहरा कमेटी की ओर से आयोजन होगा, तो दूसरी तरफ ब्रह्मसरोवर के पास केडीबी मेला ग्राउंड में धर्मक्षेत्र दशहरा कमेटी दशहरा मनाएगी। आज मंगलवार को शहर में करीब 20 साल बाद दो जगह दशहरा मनेगा। दोनों जगह में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा। दोनों पक्ष के बीच शोभायात्रा के रूट और समय को लेकर सहमति नहीं है। इसलिए पुलिस और प्रशासन के सामने शहर में ट्रैफिक, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। अरोड़ा बोले- दोपहर 12 बजे निकालेंगे शोभायात्रा शोभायात्रा को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा कल DC विश्राम कुमार मीणा से मिले थे। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में अरोड़ा ने कहा कि प्रशासन की ओर से उनको दोपहर 1 बजे शोभायात्रा निकालने की बात कही है, लेकिन वे अपने तय रूट पर 12 बजे ही यात्रा निकालेंगे। आयोजन के दौरान प्रशासन का सहयोग किया जाएगा। मेला ग्राउंड में राज बब्बर होंगे मुख्य अतिथि, थीम पार्क में सुमन सैनी करेंगी शिरकत मेला ग्राउंड में होने वाले दशहरा कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा करेंगे। इसमें फिल्म अभिनेता एवं पूर्व सांसद राज बब्बर मुख्य अतिथि होंगे। इसके अलावा पद्मश्री महावीर गुड्डू सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देंगे। वहीं थीम पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पत्नी सुमन सैनी शिरकत करेंगी। पहले एक ही जगह मनाया जाता था दशहरा कुरुक्षेत्र में पहले भी दो अलग-अलग दशहरा कमेटियां आयोजन करती थीं। बाद में विधायक अशोक अरोड़ा के मंत्री बनने के बाद साल 2000 में दोनों कमेटियों को एक साथ लाया गया। इसके बाद शहर में एक ही दशहरा उत्सव मनाने की परंपरा शुरू हुई और थीम पार्क आयोजन का प्रमुख स्थल बन गया। हालांकि, पिछले दो साल से दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आने लगे। साल 2025 में भी दशहरा उत्सव के दौरान दोनों नेताओं के लिए अलग-अलग मंच बनाए गए थे। दोनों के अलग मंचों पर बैठने को लेकर चर्चा हुई थी। इस बार भी आयोजन को लेकर सहमति नहीं बन पाई और दोनों पक्षों ने अलग-अलग दशहरा मनाने का फैसला लिया। स्थानीय विधायक को मुख्य अतिथि बनाने की परंपरा पर विवाद कुरुक्षेत्र दशहरा कमेटी के आयोजन में स्थानीय विधायक को मुख्य अतिथि बनाने की परंपरा रही है। अब विधायक अरोड़ा ये आरोप लगा रहे है कि पिछले दो साल से इस परंपरा को बदलने की कोशिश हुई। उनके समर्थकों के मुताबिक, पिछली बार विधायक को आयोजन स्थल तक जाने से भी रोका गया। इसी वजह से अलग आयोजन का फैसला लिया गया। दूसरी ओर, पूर्व मंत्री सुभाष सुधा ने एक ही जगह दशहरा मनाने की बात कही थी। लेकिन आरोप लगाया कि विधायक ने खद अलग दशहरा मनाने की बात कही। दशहरे को लेकर चार मीटिंग हुई, उन्होंने एक ही जगह आयोजन करने की पैरवी की। यहां तक कि अलग मंच बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया, लेकिन अरोड़ा नहीं माने।

