पूर्णिया|आशीर्वा द का दीया कार्यक्रम के तहत इंडियन पोटाश लिमिटेड के बिहार के प्रथम प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र त्रिगुणा एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड में किसानों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों को संतुलित उर्वरक के इस्तेमाल, मृदा स्वास्थ्य, मिट्टी जांच और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई।त्रिगुणा एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कुमार कृष्ण प्रकाश ने कहा कि पीएम किसान समृद्धि केंद्र के माध्यम से किसानों तक कृषि से जुड़ी जरूरी जानकारी और सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को उनकी मिट्टी की जरूरत के अनुसार उर्वरकों के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया जा रहा है। इससे अनावश्यक उर्वरक के प्रयोग से बचने, खेती की लागत कम करने और उत्पादन बेहतर करने में मदद मिल सकती है। इंडियन पोटाश लिमिटेड के उप प्रबंधक (विपणन) प्रशांत विक्रम सिंह ने कहा कि संतुलित उर्वरक का इस्तेमाल फसल उत्पादन के साथ मिट्टी की सेहत के लिए भी जरूरी है। किसानों को मिट्टी जांच के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। इससे मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखने और खेती की लागत नियंत्रित करने में मदद मिलती है। प्रगतिशील किसान पुरुषोत्तम कुमार ने कहा कि पीएम किसान समृद्धि केंद्र से संतुलित उर्वरक, उनके उचित उपयोग और मिट्टी जांच से जुड़ी जानकारी मिलती रहती है। कार्यक्रम में किसानों ने कृषि संबंधी विभिन्न विषयों पर जानकारी ली और वैज्ञानिक तरीके से खेती अपनाने के लिए जागरूक हुए। पूर्णिया|आशीर्वा द का दीया कार्यक्रम के तहत इंडियन पोटाश लिमिटेड के बिहार के प्रथम प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र त्रिगुणा एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड में किसानों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों को संतुलित उर्वरक के इस्तेमाल, मृदा स्वास्थ्य, मिट्टी जांच और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई।त्रिगुणा एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कुमार कृष्ण प्रकाश ने कहा कि पीएम किसान समृद्धि केंद्र के माध्यम से किसानों तक कृषि से जुड़ी जरूरी जानकारी और सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को उनकी मिट्टी की जरूरत के अनुसार उर्वरकों के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया जा रहा है। इससे अनावश्यक उर्वरक के प्रयोग से बचने, खेती की लागत कम करने और उत्पादन बेहतर करने में मदद मिल सकती है। इंडियन पोटाश लिमिटेड के उप प्रबंधक (विपणन) प्रशांत विक्रम सिंह ने कहा कि संतुलित उर्वरक का इस्तेमाल फसल उत्पादन के साथ मिट्टी की सेहत के लिए भी जरूरी है। किसानों को मिट्टी जांच के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। इससे मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखने और खेती की लागत नियंत्रित करने में मदद मिलती है। प्रगतिशील किसान पुरुषोत्तम कुमार ने कहा कि पीएम किसान समृद्धि केंद्र से संतुलित उर्वरक, उनके उचित उपयोग और मिट्टी जांच से जुड़ी जानकारी मिलती रहती है। कार्यक्रम में किसानों ने कृषि संबंधी विभिन्न विषयों पर जानकारी ली और वैज्ञानिक तरीके से खेती अपनाने के लिए जागरूक हुए।

