किशनगंज में आज रविवार को पद्म भूषण साध्वी ऋतंभरा का आगमन होगा। उनके स्वागत के लिए ठाकुरगंज शहर पूरी तरह से सज गया है। 9 अगस्त की शाम गांधी मैदान में एक भव्य आध्यात्मिक समागम का आयोजन किया जाएगा, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह है। शहर के प्रवेश मार्गों और प्रमुख चौक-चौराहों पर भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं। बाजारों में पोस्टर-बैनर लगाए गए हैं और गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान जिस ओजस्वी आवाज को सीमांचल के लोग दूर से सुनते थे, अब ठाकुरगंज के लोग उसी आवाज को सीधे गांधी मैदान में सुनेंगे। यह पुरानी पीढ़ी के लिए अपनी यादें ताजा करने का अवसर होगा, जबकि नई पीढ़ी उनके विचारों से परिचित होगी। कार्यकर्ता इस अभियान में सक्रिय सूरजापूरी विकास मोर्चा के अध्यक्ष ताराचंद धुनका के नेतृत्व में प्रचार वाहन और महिला कार्यकर्ताओं की टीमें गांव-मोहल्लों में जाकर लोगों को निमंत्रण दे रही हैं। बीरबल महतो, परमजीत मंडल, कन्हैयालाल महतो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इस अभियान में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। गांधी मैदान में वात्सल्य ग्राम वृंदावन की टीम ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उत्तर-पूर्व भारत प्रभारी स्वामी प्रकाश आनंद और सिलीगुड़ी की सुनीता अग्रवाल ने मंच, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने आयोजन समिति को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। वात्सल्य ग्राम सेवा कार्यों का प्रमुख केंद्र आयोजकों का अनुमान है कि किशनगंज के अलावा अररिया, पूर्णिया, कटिहार और उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग, उत्तर दिनाजपुर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। नेपाल के सीमावर्ती इलाकों से भी लोगों के आने की उम्मीद है। भीड़ को देखते हुए विशाल पंडाल, चिकित्सा सुविधा और स्वयंसेवकों की तैनाती की जा रही है। साध्वी ऋतंभरा एक राष्ट्रीय पहचान वाली आध्यात्मिक वक्ता और समाजसेवी हैं। वृंदावन स्थित वात्सल्य ग्राम उनके सेवा कार्यों का प्रमुख केंद्र है। समाज और अध्यात्म में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। ताराचंद धुनका ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं अंतिम रूप में हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। 9 अगस्त की शाम गांधी मैदान में आस्था का विराट रूप देखने को मिलेगा। किशनगंज में आज रविवार को पद्म भूषण साध्वी ऋतंभरा का आगमन होगा। उनके स्वागत के लिए ठाकुरगंज शहर पूरी तरह से सज गया है। 9 अगस्त की शाम गांधी मैदान में एक भव्य आध्यात्मिक समागम का आयोजन किया जाएगा, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह है। शहर के प्रवेश मार्गों और प्रमुख चौक-चौराहों पर भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं। बाजारों में पोस्टर-बैनर लगाए गए हैं और गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान जिस ओजस्वी आवाज को सीमांचल के लोग दूर से सुनते थे, अब ठाकुरगंज के लोग उसी आवाज को सीधे गांधी मैदान में सुनेंगे। यह पुरानी पीढ़ी के लिए अपनी यादें ताजा करने का अवसर होगा, जबकि नई पीढ़ी उनके विचारों से परिचित होगी। कार्यकर्ता इस अभियान में सक्रिय सूरजापूरी विकास मोर्चा के अध्यक्ष ताराचंद धुनका के नेतृत्व में प्रचार वाहन और महिला कार्यकर्ताओं की टीमें गांव-मोहल्लों में जाकर लोगों को निमंत्रण दे रही हैं। बीरबल महतो, परमजीत मंडल, कन्हैयालाल महतो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इस अभियान में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। गांधी मैदान में वात्सल्य ग्राम वृंदावन की टीम ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उत्तर-पूर्व भारत प्रभारी स्वामी प्रकाश आनंद और सिलीगुड़ी की सुनीता अग्रवाल ने मंच, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने आयोजन समिति को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। वात्सल्य ग्राम सेवा कार्यों का प्रमुख केंद्र आयोजकों का अनुमान है कि किशनगंज के अलावा अररिया, पूर्णिया, कटिहार और उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग, उत्तर दिनाजपुर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। नेपाल के सीमावर्ती इलाकों से भी लोगों के आने की उम्मीद है। भीड़ को देखते हुए विशाल पंडाल, चिकित्सा सुविधा और स्वयंसेवकों की तैनाती की जा रही है। साध्वी ऋतंभरा एक राष्ट्रीय पहचान वाली आध्यात्मिक वक्ता और समाजसेवी हैं। वृंदावन स्थित वात्सल्य ग्राम उनके सेवा कार्यों का प्रमुख केंद्र है। समाज और अध्यात्म में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। ताराचंद धुनका ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं अंतिम रूप में हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। 9 अगस्त की शाम गांधी मैदान में आस्था का विराट रूप देखने को मिलेगा।

