किशनगंज में शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही भक्ति का माहौल है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दुर्गा पूजा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। रविवार सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भव्य पूजा पंडाल बनाए गए हैं। मनोरंजन क्लब में राजस्थानी थीम पर बना 25 फीट ऊंचा पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र है। इसे देखने के लिए लोग पहुंचने लगे हैं। बड़ी कोठी और खगड़ा मंदिर में भी भीड़ किशनगंज के प्रमुख और प्राचीन दुर्गा मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ दिखी। बड़ी कोठी और खगड़ा स्थित दुर्गा मंदिरों में लोगों ने पूजा-अर्चना की। वहीं, गांधी घाट पर पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजा-पाठ कराया जा रहा है। सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात, रूट डायवर्जन लागू श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। पूजा पंडालों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं, जाम से निपटने के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव करते हुए रूट डायवर्जन भी लागू किया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और शहर में यातायात सुचारु बना रहे। किशनगंज में शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही भक्ति का माहौल है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दुर्गा पूजा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। रविवार सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भव्य पूजा पंडाल बनाए गए हैं। मनोरंजन क्लब में राजस्थानी थीम पर बना 25 फीट ऊंचा पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र है। इसे देखने के लिए लोग पहुंचने लगे हैं। बड़ी कोठी और खगड़ा मंदिर में भी भीड़ किशनगंज के प्रमुख और प्राचीन दुर्गा मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ दिखी। बड़ी कोठी और खगड़ा स्थित दुर्गा मंदिरों में लोगों ने पूजा-अर्चना की। वहीं, गांधी घाट पर पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजा-पाठ कराया जा रहा है। सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात, रूट डायवर्जन लागू श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। पूजा पंडालों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं, जाम से निपटने के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव करते हुए रूट डायवर्जन भी लागू किया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और शहर में यातायात सुचारु बना रहे।

