कावड़ यात्रा में 5,55,555 महामृत्युंजय जाप

कावड़ यात्रा में 5,55,555 महामृत्युंजय जाप

रतलाम। सम्पूर्ण राष्ट्र के मंगल, जनकल्याण एवं सुख-समृद्धि की पवित्र भावना को लेकर 5,55,555 महामृत्युंजय मंत्र जप के साथ लोक कल्याण कावड़ यात्रा का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति के दिव्य वातावरण में किया गया।

मुरलीवाला फाउंडेशन की ओर से हमारा राष्ट्र बने सर्वशक्तिमान के संकल्प के साथ आयोजित इस अनुष्ठान में 24 विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में महामृत्युंजय मंत्र का जप किया। यात्रा की शुरुआत मां कालिका के पावन प्रांगण से हुआ। कंठ में महामृत्युंजय महामंत्र, कांधे पर कावड़ और हृदय में राष्ट्रमंगल का भाव लिए श्रद्धालुओं ने भगवान महादेव का जयघोष करते हुए शहर भ्रमण किया।

इन रास्तों से निकली कावड़ यात्रा
यात्रा कालिका माता मंदिर से गुलाब चक्कर, मेंहदीकुई बालाजी, नगर निगम चौराहा, कॉलेज रोड, नाहरपुरा, डालूमोदी बाजार, गणेश देवरी, धान मंडी, शहीद चौक एवं सैलाना बस स्टैंड सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सब्जी मंडी प्रांगण, पावर हाउस रोड स्थित कंठीवाला हनुमान मंदिर पहुँची। यात्रा मार्ग पर महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय सहित विभिन्न स्थानों पर धर्मप्रेमी नागरिकों द्वारा कावड़ यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया गया तथा पूरा वातावरण हर-हर महादेव और महामृत्युंजय मंत्र के स्वर से शिवमय हो उठा। यात्रा के समापन पर कंठीवाला हनुमान मंदिर में भगवान शिव का सहस्रधारा अभिषेक किया गया। इसके आरती एवं प्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

राष्ट्र और सृष्टि के कल्याण की प्रार्थना
आयोजन का मूल भाव था कि भगवान महादेव से की जाने वाली प्रार्थना केवल स्वयं अथवा अपने परिवार तक सीमित न रहे, बल्कि सम्पूर्ण समाज, राष्ट्र और सृष्टि के कल्याण के लिए हो। समुद्र मंथन में भगवान शिव द्वारा स्वयं विषपान कर जगत की रक्षा करने का संदेश ही इस यात्रा की प्रेरणा रहा स्व से ऊपर उठकर सर्व के मंगल की कामना। इस अनुष्ठान की सबसे विशेष बात शिव और शक्ति की एक साथ हुई साधना रही। जैसे ही माँ कालिका के पावन प्रांगण से श्रद्धालुओं ने कावड़ उठाकर लोक कल्याण यात्रा की शुरुआत की। ठीक उसी समय सब्जी मंडी, पावर हाउस रोड स्थित कंठीवाला हनुमान मंदिर में भगवान शिव का सहस्रधारा अभिषेक किया।

सहस्त्रधारा के बाद संतों के आशीर्वाद
मुरलीवाला ने कहा कि यह केवल एक कावड़ यात्रा नहीं, बल्कि महामृत्युंजय की शक्ति के माध्यम से राष्ट्रमंगल की सामूहिक प्रार्थना और लोककल्याण का अनुष्ठान था। इस अवसर पर स्वामी विशोकानंद भारती एवं स्वामी देव स्वरूपानंद अखंड ज्ञान आश्रम, संस्कार ऋषि संत दिनेश व्यास नीलकंठ धाम घटवास के आशीर्वचन हुए। कार्यक्रम में गिरधारी लाल, आनंद पाटीदार,कृष्णा पाटीदार, आशीष पाटीदार, जितेन्द्र परमार, कचरू राठौड़, राकेश पांचाल, महेश पाटीदार, रामेश्वर पाटीदार, रवि पाटीदार, घनश्याम पाटीदार, नितिन सोनी उपस्थित रहे। संचालन रत्नेश विजयवर्गीय ने किया। आभार फेडरेशन अध्यक्ष रविंद्र पाटीदार ने किया।

महादेव पर अनवरत सहस्रधारा
एक ओर आदिशक्ति माँ कालिका के आँगन से राष्ट्रमंगल का संकल्प लेकर कावड़ आगे बढ़ रही थी, तो दूसरी ओर महादेव पर अनवरत सहस्रधारा प्रवाहित हो रही थी। इस प्रकार नगर में एक ही समय पर शक्ति की आराधना और शिव की उपासना का अद्भुत आध्यात्मिक संगम साकार हुआ। मोहन मुरलीवाला फाउंडेशन ने यात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले संतजनों, विद्वान आचार्यों, धर्मप्रेमी नागरिकों, मातृशक्ति, युवा साथियों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, प्रशासन, पुलिस विभाग, स्वागतकर्ताओं, सेवाभावी कार्यकर्ताओं तथा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी शिवभक्तों का आभार माना।

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