कानपुर देहात के अमरौधा ब्लॉक के शेखपुर गांव के बिझौना मजरे में गुरवार रात बारिश के कारण एक मजदूर का कच्चा मकान ढह गया। हादसे के समय परिवार के लोग घर के अंदर ही थे, लेकिन गनीमत रही कि सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। मकान गिरने के बाद मजदूर का परिवार खुले में रहने को मजबूर है। बिझौना निवासी छोटू पुत्र जमील मंसूरी मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा करते हैं। छोटू के परिवार में पांच भाई हैं और सभी एक ही मकान में रहते थे। परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। आर्थिक हालात ठीक न होने से परिवार पक्का मकान नहीं बनवा सका। गुरुवार रात हुई बारिश में अचानक मकान ढह गया। घर गिरने की तेज आवाज सुनकर परिवार में हड़कंप मच गया। हालांकि, समय रहते परिवार के सदस्य बाहर निकल आए और बड़ा हादसा टल गया। मकान गिरने से घर में रखा सामान भी खराब हो गया है। मकान ढहने के बाद परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। आवास योजना का लाभ मिल जाता फिलहाल परिवार के सदस्य रिश्तेदारों के घर में रह रहे हैं। मजदूरी से होने वाली कम कमाई के कारण नया मकान बनाना परिवार के लिए आसान नहीं है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आवास योजना का लाभ दिलाने और तुरंत मदद की मांग की है। परिवार का कहना है कि अगर समय रहते आवास योजना का लाभ मिल जाता तो शायद आज यह नौबत नहीं आती। परिवार आवास योजना के लिए पात्र जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी ने बताया कि घटना की जांच की जाएगी। यदि जांच में परिवार आवास योजना के लिए पात्र पाया जाता है, तो उनका नाम सूची में शामिल किया जाएगा। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस बेघर परिवार को सरकारी आवास का लाभ कब तक मिल पाएगा।

