कानपुर देहात के राजपुर ब्लॉक की महेशपुर ग्राम पंचायत में स्थित गोशाला में अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। यहां दो गौवंश मृत मिले हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने गोशाला के जिम्मेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले करीब एक महीने में दस से ज्यादा गौवंशों की मौत हो चुकी है, लेकिन व्यवस्थाएं ठीक नहीं की गईं। ग्रामीणों के अनुसार, गोशाला में गौवंशों के लिए पर्याप्त चारा और पानी नहीं है। देखरेख की कमी के कारण कई गौवंश कमजोर और बीमार हालत में हैं। उनका आरोप है कि लगातार मौतें होने के बाद भी पंचायत स्तर पर इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया। दो गौवंशों की मौत के बाद भी कई अन्य गौवंश जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने गोशाला की खराब व्यवस्था को लेकर ग्राम प्रधान ललिता देवी और पंचायत सचिव राजेश विश्वकर्मा के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला में चारा, पानी और साफ-सफाई की सही व्यवस्था नहीं है। इसी वजह से गौवंशों की हालत लगातार बिगड़ रही है। इस मामले पर कानपुर देहात के डीपीआरओ विकास पटेल ने बताया कि गोशाला की खराब हालत से जुड़ी तस्वीरें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जाएगी। साथ ही गोशाला में चारा-पानी और दूसरी व्यवस्थाएं ठीक कराने की बात भी कही गई है। अब सवाल यह है कि गोशालाओं की व्यवस्था को लेकर प्रशासन के दावे कितने असरदार हैं। अगर ग्रामीणों के आरोप सही हैं और एक महीने में कई गौवंशों की मौत हुई है, तो जिम्मेदारी तय करके लापरवाही पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, दो गौवंशों की मौत के बाद एक बार फिर गोशाला की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ गए हैं।

