बदायूं में बीजेपी जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक कमजोरियों पर आत्ममंथन करे। चुनावी हार के लिए संवैधानिक संस्थाओं को दोषी ठहराकर जनता को भ्रमित न करे। चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों के संयुक्त बयान ने विपक्ष के एकतरफा फैसले के दावों की सच्चाई साफ कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त डॉ. एसएस संधू व विवेक जोशी ने 26 सितंबर को स्पष्ट किया कि एसआईआर समेत आयोग के सभी प्रमुख फैसले सर्वसम्मति से हुए। सुप्रीम कोर्ट भी बिहार में एसआईआर प्रक्रिया को सही ठहरा चुका है। कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजे पत्र और फॉर्म-6 पर भी विपक्ष ने भ्रम फैलाया। आयोग ने साफ किया कि पत्र एक अधिकारी के अंदरूनी प्रशासनिक मामले से जुड़ा था, नीति या एसआईआर से नहीं। फॉर्म-6 के घोषणापत्र को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिली है। राजीव गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है। राहुल गांधी भी पहले ऐसे सवाल उठा चुके हैं। आरोप तथ्यों पर आधारित हों।

