लखनऊ के लाटूश रोड स्थित लखनऊ व्यापार मंडल कार्यालय में शुक्रवार को राज्य कर विभाग के अधिकारियों और व्यापारियों की बैठक हुई। इसमें जीएसटी से जुड़ी समस्याओं और विसंगतियों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने व्यापारियों के सवालों के जवाब दिए और ब्याज माफी योजना की जानकारी दी। अपर आयुक्त राज्य कर सरबजीत ने बताया कि ब्याज माफी योजना का लाभ 16 अक्टूबर से 15 जनवरी तक पोर्टल के माध्यम से लिया जा सकता है। उन्होंने व्यापारियों से निर्धारित समय सीमा में आवेदन कर योजना का लाभ लेने की अपील की। अर्थदंड में पूरी छूट का प्रावधान उपायुक्त खंड-4 राखी सिंह ने वैट बकाये पर मिलने वाली छूट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्धारित शर्तों के तहत 10 लाख रुपए तक की मूल बकाया राशि वाले मामलों में ब्याज और अर्थदंड में पूरी छूट का प्रावधान है। जिन व्यापारियों ने बकाये का कुछ हिस्सा पहले ही जमा कर दिया है, वे भी पात्रता के अनुसार शेष राशि पर ब्याज और अर्थदंड की छूट ले सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर आवेदन करना होगा। सक्षम स्तर से मंजूरी के बाद योजना का लाभ मिलेगा। समय रहते योजना लाने की मांग लखनऊ व्यापार मंडल अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि ऐसी योजनाएं समय रहते लाई जानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक व्यापारी लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि पिछली जीएसटी ब्याज माफी योजना के समय कई व्यापारी बकाया जमा कर चुके थे, जिससे वे योजना का लाभ नहीं ले सके। व्यापार मंडल योजना का बाजारों में प्रचार करेगा उन्होंने बताया कि वैट के मामलों में भी कई व्यापारियों ने बकाया जमा कर दिया है, जबकि कुछ बड़े व्यापारी न्यायालय की शरण में हैं। ऐसे में योजना से खासकर छोटे व्यापारियों को राहत मिल सकती है। मिश्र ने कहा कि व्यापार मंडल योजना का बाजारों में प्रचार करेगा। सर्कुलर सभी बाजारों में भेजा जाएगा, ताकि पात्र व्यापारी समय पर आवेदन कर सकें। बैठक में संयुक्त आयुक्त उदय प्रताप सिंह, अनिल हरित, उपायुक्त प्रमोद विश्वकर्मा, अनिल कुमार समेत विभागीय अधिकारी और सैकड़ों व्यापारी शामिल हुए।

