रीवा में डिलीवरी के दौरान कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में अब ब्लड बैंक सेंटर पर कार्रवाई की गई है। मध्यप्रदेश खाद्य एवं दवा प्रशासन के कंट्रोलर ने अथर्व ब्लड सेंटर में मिली गड़बड़ियों को लेकर FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिला दवा अधिकारी राधेश्याम भट्टी को निलंबित कर दिया गया है। अथर्व ब्लड सेंटर पर FIR के निर्देश खाद्य एवं दवा प्रशासन के कंट्रोलर ने रीवा के CMHO को पत्र भेजकर अथर्व ब्लड सेंटर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि वहां तैनात दवा विभाग के अधिकारी के जरिए FIR दर्ज कराई जाए और कार्रवाई की जानकारी प्रशासन को दी जाए। यह आदेश 15 सितंबर 2026 को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर जारी किया गया है। हालांकि, FIR में कौन-कौन सी धाराएं लगाई जाएंगी और किसे आरोपी बनाया जाएगा, यह पुलिस की कार्रवाई के बाद साफ होगा। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत के मामले में इससे पहले डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। अस्पताल के डीन और अधीक्षक को भी हटाया गया था। बुधवार रात डॉक्टर सोनल अग्रवाल को भी नौकरी से हटा दिया गया। अब अथर्व ब्लड सेंटर के खिलाफ FIR के निर्देश और जिला दवा अधिकारी राधेश्याम भट्टी के निलंबन की कार्रवाई हुई है। सरकार के इस आदेश के बाद मामले में पहली बार ब्लड सेंटर से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर सीधे आपराधिक मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बेटी-नवजात की मौत पर 14वें दिन पिता का अनशन जारी रीवा के संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर पिता रामशरण मिश्रा का आमरण अनशन मंगलवार को 14वें दिन भी जारी है। लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी हालत बेहद खराब हो चुकी है।पूरी खबर पढ़ें… गर्भवती-नवजात की मौत केस में लेडी डॉक्टर की सेवा समाप्त रीवा के संजय गांधी अस्पताल में गर्भवती कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में 21 दिन बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय ने डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवा समाप्त कर दी है। पूरी खबर पढ़ें..

