कर्नाटक SIR फाइनल लिस्ट जारी, 99.32 लाख नाम कटे:अब 4.55 करोड़ वोटर; SIR से पहले राज्य में 5.54 करोड़ मतदाता थे

कर्नाटक SIR फाइनल लिस्ट जारी, 99.32 लाख नाम कटे:अब 4.55 करोड़ वोटर; SIR से पहले राज्य में 5.54 करोड़ मतदाता थे

‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के बाद कर्नाटक में मतदाताओं की संख्या में 99.32 लाख की कमी आई है। मंगलवार को जारी फाइलन वोटर लिस्ट में 4.55 करोड़ वोटर्स के नाम हैं, जबकि इस प्रक्रिया के शुरू होने से पहले यह संख्या 5.54 करोड़ थी। अंतिम सूची में 2.26 करोड़ पुरुष, 2.29 करोड़ महिलाएं और 2,841 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। यह संख्या शुरुआती मतदाता सूची से करीब 17.92% कम है। 24 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची में 4.46 करोड़ सामान्य मतदाता थे। ड्राफ्ट सूची में SIR से पहले की संख्या के मुकाबले 1.08 करोड़ मतदाता कम थे। दावों और आपत्तियों के बाद अंतिम सूची में 8.64 लाख मतदाता जुड़े। घर-घर जाकर हुआ सत्यापन 30 जून से 17 अगस्त के बीच 60,923 बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने घर-घर जाकर सत्यापन किया। इस दौरान 5.54 करोड़ मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म बनाए गए। इनमें से 4.46 करोड़ मतदाताओं ने फॉर्म जमा किए। यह कुल संख्या का 80.52% है। 1.08 करोड़ मतदाताओं ने फॉर्म जमा नहीं किए। ये कुल संख्या का 19.48% हैं और इन्हें ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किया गया। इसमें 18-19 आयु के 6.83 लाख युवा मतदाता और 85 साल या उससे ज्यादा उम्र के 3.92 लाख मतदाता शामिल हैं। दावे और आपत्तियों के बाद बदलाव दावों और आपत्तियों के दौरान कुल 10.08 लाख नाम जोड़े गए। इनमें फॉर्म 6 से 8.77 लाख, फॉर्म 6A से 2,312 और जगह बदलने के लिए फॉर्म 8 से 1.29 लाख नाम जुड़े। इस प्रक्रिया में 1.88 लाख नाम हटाए गए। वहीं, 8.97 लाख नामों में बदलाव या सुधार किया गया।सत्यापन के दौरान विवरणों का मिलान नहीं होने पर 43.83 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए। CEO कार्यालय के अनुसार, सभी नोटिस पहुंचाए गए और सुनवाई भी हुई। सत्यापन के बाद 61,867 मतदाताओं को अंतिम सूची में शामिल करने के लिए अयोग्य पाया गया। नाम जांचने और अपील की सुविधा CEO कार्यालय ने मतदाताओं से अपने नाम जांचने को कहा है। नामों की जांच इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर, असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर और BLOs के कार्यालयों में की जा सकती है। फाइनल वोटर लिस्ट CEO कर्नाटक की वेबसाइट, चुनाव आयोग के वोटर सर्विसेज पोर्टल पर भी है। इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के फैसले से असंतुष्ट व्यक्ति रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 की धारा 24(a) के तहत जिला मजिस्ट्रेट के पास अपील कर सकता है। इसके बाद दूसरी अपील चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के पास धारा 24(b) के तहत की जा सकती है। यह जानकारी जारी बयान में दी गई है। 224 विधानसभा सीटों पर लागू हुई प्रक्रिया यह प्रक्रिया कर्नाटक की सभी 224 विधानसभा सीटों पर हुई। CEO कार्यालय के मुताबिक, इसमें चुनाव अधिकारियों, BLOs और सात मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इन दलों में AAP, BSP, BJP, CPI(M), INC, NPP और JD(S) शामिल हैं। CEO कार्यालय ने 5.54 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर सत्यापन और 43.83 लाख मतदाताओं की सुनवाई करने के लिए BLOs का धन्यवाद किया। कार्यालय ने मतदाताओं के सहयोग के लिए भी आभार जताया। उसने SIR का उद्देश्य दोहराया—“कोई भी योग्य नागरिक छूटे नहीं और कोई अयोग्य व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल न हो।” कांग्रेस ने किया विरोध इस बीच, कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया की कड़ी आलोचना की है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि मतदाताओं की सुरक्षा करना राज्य सरकार और पार्टी का कर्तव्य है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देशभर में चल रही SIR प्रक्रिया रोकने और CEC ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर की है। उन्होंने प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *