कर्नाटक में 172 तालुकों में बनेंगे रिंग रोड, छोटे किसानों को मिलेगी मुफ्त खेती की सुविधा; सरकार का बड़ा प्लान

कर्नाटक में 172 तालुकों में बनेंगे रिंग रोड, छोटे किसानों को मिलेगी मुफ्त खेती की सुविधा; सरकार का बड़ा प्लान

Karnataka Farmers Scheme: कर्नाटक सरकार ने शहरों में बढ़ते ट्रैफिक को कम करने और ग्रामीण इलाकों में कृषि को बढ़ावा देने के लिए कई बड़ी योजनाओं का रोडमैप तैयार किया है। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने बताया कि राज्य के 172 तालुका मुख्यालयों में रिंग रोड विकसित करने की योजना है। इसके साथ ही किसानों के लिए ‘ट्री पट्टा’ योजना और छोटे एवं सीमांत किसानों को मुफ्त यंत्रीकृत खेती की सुविधा देने वाली ‘मुख्यमंत्री नेगिला योगी योजना’ शुरू की जाएगी।

172 तालुकों में बनेगा नेटवर्क ग्रिड

जी. परमेश्वर ने बताया कि राज्य के कई तालुका और जिला मुख्यालयों में वाहनों की संख्या बढ़ने से शहरों के भीतर जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। इसे देखते हुए 172 स्थानीय नियोजन क्षेत्रों में रिंग रोड विकसित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के आसपास करीब 1 से 2 किलोमीटर का इम्पैक्ट जोन विकसित करने की भी योजना है। इसका उद्देश्य सड़क के किनारे अनियंत्रित निर्माण को रोकना और हरित क्षेत्र विकसित करना है, ताकि भविष्य में दोबारा ट्रैफिक की समस्या न बढ़े।

किसानों को मिलेगा ‘ट्री पट्टा’

सरकार सड़क किनारे पेड़ लगाने और उनकी देखभाल के लिए किसानों को भी इस योजना से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके तहत किसानों को सड़क के किनारे लगाए गए पेड़ों की देखभाल की जिम्मेदारी दी जाएगी। परमेश्वर के मुताबिक, पेड़ बड़े होने पर किसानों को ‘ट्री पट्टा’ यानी पेड़ के स्वामित्व का दस्तावेज दिया जाएगा। पेड़ों से होने वाले लाभ में किसान को 70 फीसदी हिस्सा मिलेगा, जबकि बाकी 30 फीसदी दूसरे पक्ष को जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को अतिरिक्त आय भी मिल सकेगी।

3 एकड़ तक जमीन वाले किसानों के लिए मुफ्त खेती

कर्नाटक सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए ‘मुख्यमंत्री नेगिला योगी योजना’ की भी घोषणा की है। इसके तहत तीन एकड़ या उससे कम जमीन वाले किसानों को खेती के लिए मुफ्त यंत्रीकृत सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना के तहत गांव में जिन किसानों के पास ट्रैक्टर हैं, उन्हें अपने खेतों में काम पूरा करने के बाद दूसरे किसानों के खेतों में खेती के लिए लगाया जाएगा। इसके बदले सरकार ट्रैक्टर मालिकों को किराया देगी। जरूरत पड़ने पर सरकार नए ट्रैक्टर खरीदकर किसानों को उपलब्ध कराने की भी योजना बना रही है।

31 तालुकों में पायलट प्रोजेक्ट

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि योजना को शुरुआती तौर पर 31 तालुकों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। इसके लिए शुरुआती तौर पर 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। योजना सफल रहने पर इसका विस्तार दूसरे इलाकों में किया जाएगा। सरकार का कहना है कि कई छोटे किसान संसाधनों की कमी के कारण अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पाते और उनकी जमीन खाली पड़ी रहती है। मुफ्त खेती की सुविधा मिलने से ऐसी जमीन पर भी उत्पादन शुरू हो सकेगा। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

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