करनाल के सेक्टर-14 में रहने वाली 80 साल की बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर साढ़े 23 लाख रुपए ठगने के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अपने बैंक खाते को 30 हजार रुपए लेकर दूसरे व्यक्ति को देने का आरोप है। ठगी की रकम में से साढ़े 15 लाख रुपए इस खाते में ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने आरोपी को अहिल्यानगर जिले के जामखेड़े गांव से पकड़ा। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। टेलीकॉम कंपनी के नाम पर किया फोन
साइबर क्राइम पुलिस के एएसआई सुरिंद्र सिंह ने बताया कि बुजुर्ग महिला के बेटे भुवेश चावला दुबई में रहते हैं, जबकि उनकी मां करनाल के सेक्टर-14 में अकेली रहती हैं। महिला के पास फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताते हुए मोबाइल नंबर का सत्यापन करने की बात कही। इसके बाद महिला के पास वीडियो कॉल आई, जिसमें बताया गया कि एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और उसके पास से महिला का आधार कार्ड मिला है। 24 घंटे तक पुलिस और कोर्ट का डर दिखाया
आरोपियों ने महिला को इस तरह डराया कि उसे 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान पुलिस और कोर्ट की कार्रवाई का दबाव बनाया गया। इसके बाद महिला से साढ़े 23 लाख रुपए ठग लिए गए। आरोपियों ने पूरी रकम आरटीजीएस के जरिए अपने बताए खातों में ट्रांसफर करवा ली। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। 30 हजार में बैंक खाता देने का आरोप
एएसआई सुरिंद्र सिंह के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस को एक बैंक खाते का नंबर मिला, जिसमें ठगी की रकम का साढ़े 15 लाख रुपए हिस्सा ट्रांसफर हुआ था। जांच में सामने आया कि अहिल्यानगर जिले के जामखेड़े गांव के रहने वाले लोखेंडे ने अपना बैंक खाता एक साथी को 30 हजार रुपए में दिया था। उसे खाते के इस्तेमाल के बदले 10 प्रतिशत कमीशन मिलने का लालच भी दिया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी में शामिल अन्य लोग कौन हैं और बुजुर्ग महिला से रकम किस तरह अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाई गई।

