अलवर शहर से करीब 6 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र के गुजुकी गांव में सीवरेज लाइन डालने के काम में लापरवाही के चलते हादसे का खतरा बना हुआ है। गांव की मुख्य सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और पानी भर गया है। इसी रास्ते से आदर्श ग्राम गुजुकी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बच्चे भी गुजरते हैं। हालात यह हैं कि कीचड़ से निकलते समय बच्चों को संतुलन बनाने के लिए बिजली के पोल और नीचे लगे स्टार्टर का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में पानी में करंट उतरने की आशंका से किसी बड़े हादसे का डर बना हुआ है। पानी की लाइन के ऊपर डाली जा रही सीवरेज लाइन गांव के निवासी कुलदीप शर्मा, संजय कुमार और हरिओम ने बताया कि गांव में पहले जल जीवन मिशन (JJM) के तहत पानी की लाइन डाली गई थी, जो अभी चालू है। अब सीवरेज लाइन डालने का काम चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई जगह सीवरेज लाइन पानी की पाइपलाइन के ठीक ऊपर डाली जा रही है। इसके चलते पानी की लाइन में लीकेज हो गया, लेकिन इसे ठीक नहीं किया गया। पाइपलाइन से लगातार पानी बहने के कारण सड़क पर कीचड़ फैल गया है। पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यहां से निकलना मुश्किल हो गया है। स्कूल के बच्चे बोले — कीचड़ से निकलने में लगता है डर स्कूल के बच्चे सीमा, राहुल और हेमंत ने बताया कि कीचड़ बहुत अधिक बढ़ गया है और अब इसके बीच से गुजरने में डर लगने लगा है। यह समस्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। आगे पंचायती राज के चुनाव भी आने वाले हैं, इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। इस कीचड़ से 20 गांवों के लोग हो रहे प्रभावित गुजुकी के इस कीचड़ भरे रास्ते से रोजाना करीब 15 से 20 गांवों के लोग आवाजाही करते हैं। इनमें मुख्य रूप से गुजुकी, सालपुर, मालाखेड़ा रास्ता, केरवाड़ा, केरवाजाट और हल्दीना शामिल हैं। आदर्श ग्राम गुजुकी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल ललिता वर्मा का कहना है कि अब कीचड़ बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिससे स्टाफ और बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों को भी अवगत करा दिया गया है।

