चित्तौड़गढ़ जिले में इस बार मानसून उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। जिले में औसत का केवल 79.18 प्रतिशत ही बारिश दर्ज हुई है। बारिश कम होने के कारण जिले के ज्यादातर बांधों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया है। 96 में से 40 बांध ऐसे हैं जिनमें पूरे मानसून के दौरान एक बार भी पानी की आवक नहीं हुई। जिसके कारण आने वाले महीनों में सिंचाई और पेयजल व्यवस्था पर काफी असर पड़ सकता है। कहीं ज्यादा तो कहीं बहुत कम हुई बारिश जिले में बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो अलग-अलग क्षेत्रों में बड़ा अंतर दिखाई देता है। सबसे ज्यादा बारिश निंबाहेड़ा क्षेत्र में 959 मिलीमीटर दर्ज हुई, जबकि सबसे कम बारिश भूपाल सागर और कपासन क्षेत्र में रही। चित्तौड़गढ़ शहर में 1 जून से अब तक 566 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। गंगरार में 645 मिलीमीटर, राशमी में 563 मिलीमीटर, कपासन में 411 मिलीमीटर, बेगूं में 551 मिलीमीटर, निंबाहेड़ा में 959 मिलीमीटर, भदेसर में 716 मिलीमीटर, डूंगला में 552 मिलीमीटर, बड़ी सादड़ी में 583 मिलीमीटर, रावतभाटा में 480 मिलीमीटर, बस्सी में 689 मिलीमीटर और भूपाल सागर में 411 मिलीमीटर बारिश हुई। 96 में से 40 बांधों में पानी की आवक तक नहीं हुई जिन बांधों में पानी पहुंचा है वहां भी पानी का स्तर जरूरत के मुकाबले काफी कम है। यही वजह है कि सिंचाई विभाग और प्रशासन की नजर अब उपलब्ध पानी के बेहतर उपयोग पर रहेगी। अगर आने वाले महीनों में बारिश नहीं होती है तो कई इलाकों में पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती करने वाले किसानों के लिए यह स्थिति ज्यादा चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है, क्योंकि रबी सीजन की फसलों के लिए सिंचाई का बड़ा आधार यही बांध होते हैं। जल भंडारण उम्मीद से काफी कम जिले के प्रमुख बांधों की स्थिति भी राहत देने वाली नहीं है। गंभीरी बांध क्षेत्र में 560 मिलीमीटर, वागन बांध में 570 मिलीमीटर, बस्सी बांध में 677 मिलीमीटर, औराई डैम में 686 मिलीमीटर, बड़गांव बांध में 634 मिलीमीटर, भूपाल सागर बांध में 400 मिलीमीटर, कपासन बांध में 419 मिलीमीटर, संदेसर बांध में 459 मिलीमीटर और मात्रकुंडिया बांध क्षेत्र में 406 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। इन क्षेत्रों में हुई बारिश के बावजूद बांधों में पानी का संग्रहण संतोषजनक स्तर तक नहीं पहुंच पाया। कई जलाशयों में सिर्फ नाम मात्र का पानी जमा हुआ है। इससे साफ है कि इस बार मानसून के दौरान जितनी बारिश की जरूरत थी, उतनी नहीं हो सकी। फिलहाल बारिश के आसार नहीं, गर्मी और उमस बरकरार बारिश रुकने के बाद जिले में एक बार फिर चिपचिपी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। दिन में तेज धूप और उमस के कारण लोगों को राहत नहीं मिल रही। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल चित्तौड़गढ़ जिले में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह बंद हैं। अगले कुछ दिनों तक भी बारिश की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में अब लोगों की नजर अगले मौसम पर टिकी हुई है। दूसरी ओर कम बारिश और खाली पड़े बांधों ने यह साफ संकेत दे दिया है कि इस बार पानी का उपयोग सोच-समझकर करना होगा। अगर आने वाले महीनों में हालात नहीं बदले तो जिले के कई हिस्सों में सिंचाई और पेयजल दोनों बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

