भिंड में नवरात्र पर जैन समाज ने की गौ सेवा:40 से अधिक जोड़ों ने मनाया जन्मदिन, दिया करुणा और सेवा का संदेश

भिंड में नवरात्र पर जैन समाज ने की गौ सेवा:40 से अधिक जोड़ों ने मनाया जन्मदिन, दिया करुणा और सेवा का संदेश

भिंड में नवरात्र के पहले दिन दिगंबर जैन सोशल ग्रुप सिटी भिंड के सदस्यों ने गौ सेवा कर उत्सव की शुरुआत सेवा और करुणा के संदेश के साथ की। रविवार को गौरी सरोवर हाउसिंग कॉलोनी स्थित जीव दया स्थल गौशाला में आयोजित कार्यक्रम में 40 से अधिक दंपती सदस्यों ने सहभागिता की। किसी ने जन्मदिन की खुशियां साझा कीं तो किसी ने जीव दया के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में गौशाला का संचालन कर रही जीव दया स्थल कमेटी और भामाशाहों के सेवा कार्यों की सराहना भी की गई। जन्मदिन को सेवा से जोड़ा कार्यक्रम में मयंक-प्रियंका जैन, सिद्धार्थ-श्रुति जैन, संतोष-शालिनी जैन, चेतन-पूर्वी जैन, राहुल-रेखा जैन, अर्पिता संभव लोहिया और गीता संजीव जैन का जन्मदिन के अवसर पर तिलक-वंदन एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। विशेष रूप से उपस्थित डॉ. अनिल जैन का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम संयोजक नवीन जैन का तिलक-वंदन कर अभिनंदन किया गया। वहीं, भामाशाह कमेटी की ओर से शिक्षक दीपचंद जैन का स्वागत किया गया। जीवों के प्रति करुणा ही सेवा का आधार संस्था अध्यक्ष शैलेंद्र-पूनम जैन ने उपस्थित सदस्यों और अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि जीवों के प्रति करुणा, सेवा और संवेदनशीलता जैन धर्म के प्रमुख सिद्धांत हैं। ऐसे आयोजन समाज में परोपकार और जीव मात्र के प्रति दया भाव को प्रोत्साहित करते हैं। संस्था कोषाध्यक्ष रविंद्र-सुधा जैन और सक्रिय सदस्य मयंक-प्रियंका जैन ने जीव दया स्थल कमेटी एवं भामाशाहों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गौशाला में गौवंश की देखभाल और आवश्यक व्यवस्थाओं का संचालन समर्पण के साथ किया जा रहा है। यह समाज के लिए प्रेरणादायी सेवा कार्य है। कविता के जरिए बताई एकता की अहमियत कार्यक्रम के दौरान संजीव-गीता जैन ने कविता के माध्यम से संस्था की एकता और सेवा कार्यों की प्रशंसा की। अंत में संस्था सचिव अंशुल-आयशा जैन ने सभी सदस्य दंपतियों, अतिथियों और जीव दया स्थल कमेटी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी जीव दया एवं मानव सेवा से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में करुणा और परोपकार की भावना को आगे बढ़ाती रहेगी। नवरात्र के पहले दिन आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ जीव सेवा को जोड़ने की पहल बना। संस्था के सदस्यों ने अपने सहभागिता भरे प्रयासों से संदेश दिया कि उत्सव की खुशियां दूसरों के प्रति संवेदना और सेवा भाव के साथ भी मनाई जा सकती हैं।

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