कटिहार-91 स्कूलों में बच्चों को बताया सुरक्षित बचपन का अधिकार:POCSO एक्ट से बाल विवाह तक की जानकारी

कटिहार-91 स्कूलों में बच्चों को बताया सुरक्षित बचपन का अधिकार:POCSO एक्ट से बाल विवाह तक की जानकारी

कटिहार के 91 सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) के निर्देश पर सुरक्षित बचपन अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों में न्यायाधीशों, पुलिस, श्रम विभाग और बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधियों ने बच्चों को कानून की जानकारी दी। उन्हें गुड टच-बैड टच, बाल विवाह, बाल श्रम और साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए गए। 91 स्कूलों में चला सुरक्षित बचपन अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणवीर सिंह के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, शिक्षा विभाग और तटवासी समाज न्यास की कवच परियोजना ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। मुख्य कार्यक्रम राजकीयकृत उच्च विद्यालय कटिहार में आयोजित हुआ। शिक्षिका पूनम ठाकुर ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि तटवासी समाज न्यास के प्रदीप कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया। POCSO एक्ट और गुड टच-बैड टच की जानकारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम एवं विशेष एससी-एसटी अदालत के न्यायाधीश संदीप मिश्रा ने बच्चों को पॉक्सो एक्ट, 2012 की जानकारी दी। उन्होंने गुड टच और बैड टच के बारे में समझाते हुए बताया कि किसी स्थिति में असहज महसूस होने पर बच्चे स्पष्ट रूप से ‘ना’ कह सकते हैं और भरोसेमंद बड़े व्यक्ति से मदद मांग सकते हैं। रेलवे न्यायाधीश गौरव कुमार ने शिक्षा और बाल अधिकारों के महत्व पर चर्चा की। वहीं, न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय समस रजा ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 और अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम, 1956 के बारे में बताया। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया। बाल श्रम और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता श्रम अधीक्षक पीटर मिंज ने बाल श्रम कानून की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों का स्थान स्कूल में है। किसी बच्चे से काम कराए जाने की स्थिति में उसे सुरक्षित करने की जिम्मेदारी श्रम विभाग की है। बाल कल्याण समिति के सदस्य अरुण कुमार चौबे ने समिति के कार्यों और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों से किसी समस्या की स्थिति में समिति से संपर्क करने की अपील की। पुलिस दीदी ने छात्राओं को सुरक्षा संबंधी जरूरी बातें बताईं। बच्चों को बताईं हेल्पलाइन सेवाएं रोजितपुर स्थित चिल्ड्रन हैप्पी स्कूल में अपर जिला जज एवं विशेष पॉक्सो न्यायाधीश जितेंद्र कुमार ने बच्चों को पॉक्सो एक्ट की जानकारी दी। इस दौरान नालसा हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के उपयोग के बारे में बताया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार ने कहा कि बाल अधिकारों का उल्लंघन करने पर कानून के तहत सजा का प्रावधान है। महिला विकास निगम के वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक प्रभा पांडे ने महिला हेल्पलाइन 181 की जानकारी दी। कई अन्य स्कूलों में भी हुए कार्यक्रम डॉन बॉस्को पब्लिक स्कूल, रामकृष्ण मिशन और शरीफगंज उच्च विद्यालय सहित जिले के अन्य स्कूलों में भी न्यायाधीशों ने बच्चों को जागरूक किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कमलेश सिंह देऊं ने शिक्षकों से बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और उन्हें जागरूक करने का निर्देश दिया। अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देकर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद करना है। कटिहार के 91 सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) के निर्देश पर सुरक्षित बचपन अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों में न्यायाधीशों, पुलिस, श्रम विभाग और बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधियों ने बच्चों को कानून की जानकारी दी। उन्हें गुड टच-बैड टच, बाल विवाह, बाल श्रम और साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए गए। 91 स्कूलों में चला सुरक्षित बचपन अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणवीर सिंह के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, शिक्षा विभाग और तटवासी समाज न्यास की कवच परियोजना ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। मुख्य कार्यक्रम राजकीयकृत उच्च विद्यालय कटिहार में आयोजित हुआ। शिक्षिका पूनम ठाकुर ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि तटवासी समाज न्यास के प्रदीप कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया। POCSO एक्ट और गुड टच-बैड टच की जानकारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम एवं विशेष एससी-एसटी अदालत के न्यायाधीश संदीप मिश्रा ने बच्चों को पॉक्सो एक्ट, 2012 की जानकारी दी। उन्होंने गुड टच और बैड टच के बारे में समझाते हुए बताया कि किसी स्थिति में असहज महसूस होने पर बच्चे स्पष्ट रूप से ‘ना’ कह सकते हैं और भरोसेमंद बड़े व्यक्ति से मदद मांग सकते हैं। रेलवे न्यायाधीश गौरव कुमार ने शिक्षा और बाल अधिकारों के महत्व पर चर्चा की। वहीं, न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय समस रजा ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 और अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम, 1956 के बारे में बताया। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया। बाल श्रम और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता श्रम अधीक्षक पीटर मिंज ने बाल श्रम कानून की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों का स्थान स्कूल में है। किसी बच्चे से काम कराए जाने की स्थिति में उसे सुरक्षित करने की जिम्मेदारी श्रम विभाग की है। बाल कल्याण समिति के सदस्य अरुण कुमार चौबे ने समिति के कार्यों और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों से किसी समस्या की स्थिति में समिति से संपर्क करने की अपील की। पुलिस दीदी ने छात्राओं को सुरक्षा संबंधी जरूरी बातें बताईं। बच्चों को बताईं हेल्पलाइन सेवाएं रोजितपुर स्थित चिल्ड्रन हैप्पी स्कूल में अपर जिला जज एवं विशेष पॉक्सो न्यायाधीश जितेंद्र कुमार ने बच्चों को पॉक्सो एक्ट की जानकारी दी। इस दौरान नालसा हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के उपयोग के बारे में बताया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार ने कहा कि बाल अधिकारों का उल्लंघन करने पर कानून के तहत सजा का प्रावधान है। महिला विकास निगम के वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक प्रभा पांडे ने महिला हेल्पलाइन 181 की जानकारी दी। कई अन्य स्कूलों में भी हुए कार्यक्रम डॉन बॉस्को पब्लिक स्कूल, रामकृष्ण मिशन और शरीफगंज उच्च विद्यालय सहित जिले के अन्य स्कूलों में भी न्यायाधीशों ने बच्चों को जागरूक किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कमलेश सिंह देऊं ने शिक्षकों से बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और उन्हें जागरूक करने का निर्देश दिया। अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देकर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद करना है।  

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