औरंगाबाद में मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन:श्रमिकों और कर्मचारियों की समस्याओं को जल्द खत्म करने की मांग, केंद्रीय मंत्री को भेजा ज्ञापन

औरंगाबाद में मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन:श्रमिकों और कर्मचारियों की समस्याओं को जल्द खत्म करने की मांग, केंद्रीय मंत्री को भेजा ज्ञापन

औरंगाबाद में सोमवार को भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की जिला इकाई ने समाहरणालय के पास प्रदर्शन किया। श्रमिकों और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की मांग कर रहे थे। केंद्र सरकार से श्रमिक हितों से जुड़ी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व बीएमएस के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने श्रमिकों और कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन के बाद डीएम के माध्यम से केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री को मांगों से संबंधित ज्ञापन भेजा गया। संघ के नेताओं ने कहा कि देश के विकास में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन लंबे समय से उनकी कई मांगें लंबित हैं। न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपए करने की मांग बीएमएस ने ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस-95) के तहत न्यूनतम पेंशन को एक हजार रुपए से बढ़ाकर 7,500 रुपए करने की मांग की है। संघ ने पेंशन को महंगाई भत्ते से जोड़ने की भी मांग रखी, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन जीने में आर्थिक परेशानी न हो। इसके अलावा ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस की गणना के लिए निर्धारित अधिकतम सीमा को दोगुना करने की मांग की गई। संघ ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को फिर से लागू करने और ग्रेच्युटी की गणना 15 दिन के वेतन के बजाय 30 दिन के वेतन के आधार पर करने की मांग भी उठाई। ज्ञापन में सभी कर्मचारियों, जिसमें संविदा कर्मी भी शामिल हैं, जिनके लिए समान काम के बदले समान वेतन लागू करने की मांग की गई। संघ ने जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए न्यूनतम वेतन में वृद्धि करने और आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील, एनएचएम सहित विभिन्न स्कीम वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग भी रखी। श्रमिकों की गरिमा-सामाजिक सुरक्षा पर जोर बीएमएस ने बैंकों में सप्ताह में 5 दिन काम की व्यवस्था लागू करने और श्रम कानूनों में मौजूद मजदूर विरोधी प्रावधानों में संशोधन करने की मांग भी की। संघ नेताओं का कहना है कि श्रमिकों के हितों से जुड़े विषय केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं हैं। सामाजिक सुरक्षा, उचित पारिश्रमिक, श्रम की गरिमा और बेहतर कार्य परिस्थितियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। मजदूर संघ के उपाध्यक्ष अभय कुमार वैद्य ने कहा कि श्रमिकों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों में श्रमिकों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक पारिश्रमिक मिलना आवश्यक है। सरकार को लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर श्रमिकों को राहत देनी चाहिए।
मांगों पर समाधान निकालने की मांग जिला अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांगों पर वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की। प्रदर्शन में जिला मंत्री हरिराम, राकेश कुमार, अविनाश मिश्रा, त्रिलोकी राम, संगठन मंत्री अभिषेक कुमार, अभिमन्यु कुमार, सुलगने देवी, विमला देवी, प्रभा देवी, मानव कुंवर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रमिक शामिल रहे। औरंगाबाद में सोमवार को भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की जिला इकाई ने समाहरणालय के पास प्रदर्शन किया। श्रमिकों और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की मांग कर रहे थे। केंद्र सरकार से श्रमिक हितों से जुड़ी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व बीएमएस के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने श्रमिकों और कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन के बाद डीएम के माध्यम से केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री को मांगों से संबंधित ज्ञापन भेजा गया। संघ के नेताओं ने कहा कि देश के विकास में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन लंबे समय से उनकी कई मांगें लंबित हैं। न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपए करने की मांग बीएमएस ने ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस-95) के तहत न्यूनतम पेंशन को एक हजार रुपए से बढ़ाकर 7,500 रुपए करने की मांग की है। संघ ने पेंशन को महंगाई भत्ते से जोड़ने की भी मांग रखी, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन जीने में आर्थिक परेशानी न हो। इसके अलावा ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस की गणना के लिए निर्धारित अधिकतम सीमा को दोगुना करने की मांग की गई। संघ ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को फिर से लागू करने और ग्रेच्युटी की गणना 15 दिन के वेतन के बजाय 30 दिन के वेतन के आधार पर करने की मांग भी उठाई। ज्ञापन में सभी कर्मचारियों, जिसमें संविदा कर्मी भी शामिल हैं, जिनके लिए समान काम के बदले समान वेतन लागू करने की मांग की गई। संघ ने जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए न्यूनतम वेतन में वृद्धि करने और आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील, एनएचएम सहित विभिन्न स्कीम वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग भी रखी। श्रमिकों की गरिमा-सामाजिक सुरक्षा पर जोर बीएमएस ने बैंकों में सप्ताह में 5 दिन काम की व्यवस्था लागू करने और श्रम कानूनों में मौजूद मजदूर विरोधी प्रावधानों में संशोधन करने की मांग भी की। संघ नेताओं का कहना है कि श्रमिकों के हितों से जुड़े विषय केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं हैं। सामाजिक सुरक्षा, उचित पारिश्रमिक, श्रम की गरिमा और बेहतर कार्य परिस्थितियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। मजदूर संघ के उपाध्यक्ष अभय कुमार वैद्य ने कहा कि श्रमिकों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों में श्रमिकों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक पारिश्रमिक मिलना आवश्यक है। सरकार को लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर श्रमिकों को राहत देनी चाहिए।
मांगों पर समाधान निकालने की मांग जिला अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांगों पर वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की। प्रदर्शन में जिला मंत्री हरिराम, राकेश कुमार, अविनाश मिश्रा, त्रिलोकी राम, संगठन मंत्री अभिषेक कुमार, अभिमन्यु कुमार, सुलगने देवी, विमला देवी, प्रभा देवी, मानव कुंवर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रमिक शामिल रहे।  

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