औरंगाबाद के कुटुंबा थाना क्षेत्र के बसौरा गांव में बिजली करंट से एक युवक की मौत के बाद अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर कथित रूप से रुपये वसूलने तथा एक महिला को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला सरिता देवी का आरोप है कि उसे डायन बताकर उसके परिवार से 2 लाख 20 हजार रुपये वसूले गए। इसके बावजूद उसके परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा है। मामले में दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की शिकायत पुलिस तक पहुंच गई है। ग्रामीणों के अनुसार, बीते एक अगस्त को गांव के मुकेश कुमार की बिजली करंट लगने से मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतक के परिजन ओझा-गुणी और तांत्रिकों के पास जाने लगे। इसी क्रम में वे झारखंड के हरिणा नीमा गांव निवासी मुन्ना भगत के पास पहुंचे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मुन्ना भगत ने श्यामलाल साव की पत्नी सरिता देवी को डायन और उनके भसुर रामलाल साव को ओझा बता दिया। रामलाल साव पर कोलकाता से शालिग्राम भगवान लाकर घर में पूजा-पाठ करने का आरोप भी लगाया गया। शालिग्राम फेंकवाने के बाद वसूली के आरोप पीड़ित परिवार के मुताबिक, तांत्रिक के कहने पर घर से शालिग्राम भगवान को फेंकवा दिया गया। इसके बाद रामलाल साव से 80 हजार रुपये लिए गए। आरोप है कि सरिता देवी के पति से 60 हजार रुपये और उनके भांजे से 80 हजार रुपये वसूले गए। इस तरह परिवार से कुल 2 लाख 20 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि इतनी बड़ी रकम देने के बावजूद उनकी परेशानी खत्म नहीं हुई। उल्टे, उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा और कई बार मारपीट भी की गई। पीड़ित परिवार के अनुसार, गांव के कुछ लोगों को वाहन रिजर्व कर तांत्रिक के पास ले जाने की बात भी कही गई थी। इस मामले में पांच सितंबर को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर कथित तौर पर एक समझौता लिखवाया गया। इसमें परिवार को जीवनभर प्रेत बाधा से मुक्ति मिलने की गारंटी देने का दावा किया गया। साथ ही शर्त रखी गई कि यदि परिवार किसी दूसरे तांत्रिक से दिखाता है, तो उसे दो लाख रुपये जुर्माना देना होगा। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस अजीबोगरीब शर्त के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली और विवाद लगातार बढ़ता गया। घर में घुसकर मारपीट, 12 लोगों के खिलाफ शिकायत पीड़िता सरिता देवी के अनुसार, बीते गुरुवार की शाम कुछ लोग उनके घर में घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करने लगे। घटना के बाद उन्होंने फोन कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस बसौरा गांव पहुंची, जिसके बाद मारपीट करने के आरोपी लोग वहां से भाग निकले। शुक्रवार को पीड़िता थाने पहुंचीं और लिखित आवेदन देकर 12 लोगों को आरोपित किया। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपने परिवार को सुरक्षा दिलाने की गुहार लगाई है। घटना ने ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास, डायन-बिसाही के आरोप और तंत्र-मंत्र के नाम पर कथित आर्थिक शोषण जैसे गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसी की मौत के बाद दुख और भय का फायदा उठाकर लोगों को प्रताड़ित करना सामाजिक रूप से भी गंभीर मामला है। हालांकि, रुपये वसूली, मारपीट और अन्य आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है। औरंगाबाद के कुटुंबा थाना क्षेत्र के बसौरा गांव में बिजली करंट से एक युवक की मौत के बाद अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर कथित रूप से रुपये वसूलने तथा एक महिला को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला सरिता देवी का आरोप है कि उसे डायन बताकर उसके परिवार से 2 लाख 20 हजार रुपये वसूले गए। इसके बावजूद उसके परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा है। मामले में दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की शिकायत पुलिस तक पहुंच गई है। ग्रामीणों के अनुसार, बीते एक अगस्त को गांव के मुकेश कुमार की बिजली करंट लगने से मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतक के परिजन ओझा-गुणी और तांत्रिकों के पास जाने लगे। इसी क्रम में वे झारखंड के हरिणा नीमा गांव निवासी मुन्ना भगत के पास पहुंचे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मुन्ना भगत ने श्यामलाल साव की पत्नी सरिता देवी को डायन और उनके भसुर रामलाल साव को ओझा बता दिया। रामलाल साव पर कोलकाता से शालिग्राम भगवान लाकर घर में पूजा-पाठ करने का आरोप भी लगाया गया। शालिग्राम फेंकवाने के बाद वसूली के आरोप पीड़ित परिवार के मुताबिक, तांत्रिक के कहने पर घर से शालिग्राम भगवान को फेंकवा दिया गया। इसके बाद रामलाल साव से 80 हजार रुपये लिए गए। आरोप है कि सरिता देवी के पति से 60 हजार रुपये और उनके भांजे से 80 हजार रुपये वसूले गए। इस तरह परिवार से कुल 2 लाख 20 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि इतनी बड़ी रकम देने के बावजूद उनकी परेशानी खत्म नहीं हुई। उल्टे, उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा और कई बार मारपीट भी की गई। पीड़ित परिवार के अनुसार, गांव के कुछ लोगों को वाहन रिजर्व कर तांत्रिक के पास ले जाने की बात भी कही गई थी। इस मामले में पांच सितंबर को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर कथित तौर पर एक समझौता लिखवाया गया। इसमें परिवार को जीवनभर प्रेत बाधा से मुक्ति मिलने की गारंटी देने का दावा किया गया। साथ ही शर्त रखी गई कि यदि परिवार किसी दूसरे तांत्रिक से दिखाता है, तो उसे दो लाख रुपये जुर्माना देना होगा। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस अजीबोगरीब शर्त के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली और विवाद लगातार बढ़ता गया। घर में घुसकर मारपीट, 12 लोगों के खिलाफ शिकायत पीड़िता सरिता देवी के अनुसार, बीते गुरुवार की शाम कुछ लोग उनके घर में घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करने लगे। घटना के बाद उन्होंने फोन कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस बसौरा गांव पहुंची, जिसके बाद मारपीट करने के आरोपी लोग वहां से भाग निकले। शुक्रवार को पीड़िता थाने पहुंचीं और लिखित आवेदन देकर 12 लोगों को आरोपित किया। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपने परिवार को सुरक्षा दिलाने की गुहार लगाई है। घटना ने ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास, डायन-बिसाही के आरोप और तंत्र-मंत्र के नाम पर कथित आर्थिक शोषण जैसे गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसी की मौत के बाद दुख और भय का फायदा उठाकर लोगों को प्रताड़ित करना सामाजिक रूप से भी गंभीर मामला है। हालांकि, रुपये वसूली, मारपीट और अन्य आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है।

