औरंगाबाद- जलजमाव के खिलाफ कारोबारियों ने बंद किया गोह बाजार:डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे थे प्रदर्शनकारी, हंगामा देख स्कूल भी रहे बंद

औरंगाबाद- जलजमाव के खिलाफ कारोबारियों ने बंद किया गोह बाजार:डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे थे प्रदर्शनकारी, हंगामा देख स्कूल भी रहे बंद

औरंगाबाद के गोह प्रखंड मुख्यालय में जलजमाव की गंभीर समस्या को लेकर बुधवार को व्यवसायियों और स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। पूर्व सूचना के अनुसार सुबह से ही पूरा बाजार बंद रहा और सैकड़ों लोग सड़क पर उतरकर प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। जगपति चौक समेत मुख्य सड़कों पर घुटने भर पानी जमा होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोह बाजार में वर्षों से जल निकासी की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। शिक्षक बिट्टू सिंह ने बताया कि गोह की लगभग हर सड़क पर जलजमाव की स्थिति है। बच्चों के खेलने का इकलौता गांधी मैदान भी पानी से भरकर तालाब में तब्दील हो गया है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक गोह पोखरा की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है। कुछ दिन पहले अधिकारियों ने पोखरा का निरीक्षण कर सौंदर्यीकरण की बात कही थी, लेकिन लोगों की मूल समस्याओं का समाधान तक नहीं हो पाया।व्यवसायियों का कहना है कि हल्की बारिश में भी बाजार जलमग्न हो जाता है, जिससे ग्राहकों का आना-जाना बंद हो जाता है और व्यापार प्रभावित होता है। इसी नाराजगी के कारण लोगों ने सामूहिक रूप से बाजार बंद रखने का निर्णय लिया। अस्पताल की सड़क और गांधी मैदान में जलजमाव, स्कूल भी बंद प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जगपति चौक के अलावा सरकारी अस्पताल जाने वाली मुख्य सड़क पर भी भारी जलजमाव है। मरीजों और उनके परिजनों को पानी के बीच से होकर अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। गांधी मैदान में पानी जमा रहने से बच्चों के खेलकूद पर भी असर पड़ा है। व्यवसायियों की मुख्य मांगों में जगपति चौक से जलजमाव हटाना, अस्पताल जाने वाली सड़क से पानी की निकासी, गांधी मैदान को जलमुक्त करना और गोह पोखरा की सफाई शामिल है। उनका कहना है कि नालियों की सफाई और समुचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। बाजार बंद रहने के साथ वाहनों का परिचालन भी प्रभावित रहा। मेडिकल और एंबुलेंस सेवा को छोड़कर सभी निजी शिक्षण संस्थान और स्कूल बंद रहे, जिससे विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। डीएम को बुलाने की मांग, अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान व्यवसायियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। प्रदर्शनकारी मौके पर जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए गोह में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। दर्जनों पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे और लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम रहे। व्यवसायियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। प्रदर्शन में शिक्षक बिट्टू सिंह, व्यवसायी विनय सिंह, नागेंद्र यादव, मिथलेश सिंह, संतोष साहू, मुकेश पांडेय, विशु कुमार, बिट्टू कुमार सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। औरंगाबाद के गोह प्रखंड मुख्यालय में जलजमाव की गंभीर समस्या को लेकर बुधवार को व्यवसायियों और स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। पूर्व सूचना के अनुसार सुबह से ही पूरा बाजार बंद रहा और सैकड़ों लोग सड़क पर उतरकर प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। जगपति चौक समेत मुख्य सड़कों पर घुटने भर पानी जमा होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोह बाजार में वर्षों से जल निकासी की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। शिक्षक बिट्टू सिंह ने बताया कि गोह की लगभग हर सड़क पर जलजमाव की स्थिति है। बच्चों के खेलने का इकलौता गांधी मैदान भी पानी से भरकर तालाब में तब्दील हो गया है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक गोह पोखरा की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है। कुछ दिन पहले अधिकारियों ने पोखरा का निरीक्षण कर सौंदर्यीकरण की बात कही थी, लेकिन लोगों की मूल समस्याओं का समाधान तक नहीं हो पाया।व्यवसायियों का कहना है कि हल्की बारिश में भी बाजार जलमग्न हो जाता है, जिससे ग्राहकों का आना-जाना बंद हो जाता है और व्यापार प्रभावित होता है। इसी नाराजगी के कारण लोगों ने सामूहिक रूप से बाजार बंद रखने का निर्णय लिया। अस्पताल की सड़क और गांधी मैदान में जलजमाव, स्कूल भी बंद प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जगपति चौक के अलावा सरकारी अस्पताल जाने वाली मुख्य सड़क पर भी भारी जलजमाव है। मरीजों और उनके परिजनों को पानी के बीच से होकर अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। गांधी मैदान में पानी जमा रहने से बच्चों के खेलकूद पर भी असर पड़ा है। व्यवसायियों की मुख्य मांगों में जगपति चौक से जलजमाव हटाना, अस्पताल जाने वाली सड़क से पानी की निकासी, गांधी मैदान को जलमुक्त करना और गोह पोखरा की सफाई शामिल है। उनका कहना है कि नालियों की सफाई और समुचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। बाजार बंद रहने के साथ वाहनों का परिचालन भी प्रभावित रहा। मेडिकल और एंबुलेंस सेवा को छोड़कर सभी निजी शिक्षण संस्थान और स्कूल बंद रहे, जिससे विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। डीएम को बुलाने की मांग, अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान व्यवसायियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। प्रदर्शनकारी मौके पर जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए गोह में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। दर्जनों पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे और लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम रहे। व्यवसायियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। प्रदर्शन में शिक्षक बिट्टू सिंह, व्यवसायी विनय सिंह, नागेंद्र यादव, मिथलेश सिंह, संतोष साहू, मुकेश पांडेय, विशु कुमार, बिट्टू कुमार सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।  

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