औरंगाबाद के जम्होर थाना क्षेत्र अंतर्गत चित्रगोपी गांव के पास उत्पाद विभाग के कर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। शराब बेचने के आरोप को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हंगामे में बदल गया। इस दौरान उत्पाद विभाग की गाड़ी रोकने, पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज करने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया है। हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वारयल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों की ओर से बनाए गए वीडियो में उत्पाद पुलिस पर ही शराब बेचने का आरोप लगाया जा रहा है। वहीं, उत्पाद विभाग की ओर से बनाए गए वीडियो में कुछ लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के कारण पूरे मामले को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
250 बोतल शराब के साथ पकड़ा गया था कथित धंधेबाज इस मामले में उत्पाद अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि टीम ने नवीनगर के फुठहरवा गांव के समीप कार्रवाई करते हुए एक कथित धंधेबाज को 250 बोतल शराब के साथ पकड़ा था। कार्रवाई के बाद जब्त शराब को ऑटो पर लादकर उत्पाद कार्यालय लाया जा रहा था। वहीं, गिरफ्तार किए गए धंधेबाज को उत्पाद विभाग की स्कॉर्पियो में बैठाया गया था। उत्पाद अधीक्षक के अनुसार, इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने गाड़ी को रोक लिया और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मियों के साथ गाली-गलौज की गई और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। उत्पाद विभाग के पुलिस पदाधिकारी चंद्रभूषण कुमार के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। विभाग की ओर से इस घटना को सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने से जुड़ा मामला बताया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों की ओर से वायरल वीडियो में उत्पाद पुलिस पर ही शराब बेचने का आरोप लगाया जा रहा है। इन परस्पर विरोधी दावों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के दौरान कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल, उत्पाद विभाग की कार्रवाई और उसके बाद हुए विवाद को लेकर क्षेत्र में चर्चा जारी है। वायरल वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्राथमिकी दर्ज, महिलाओं और 16 वर्षीय किशोर के पकड़े जाने की जानकारी उत्पाद अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन की जा रही है। जांच के दौरान जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उत्पाद विभाग का आरोप है कि हंगामा करने वाले कुछ लोग स्वयं भी शराब के कारोबार में संलिप्त हैं। विभाग की ओर से ऐसे लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है। उत्पाद अधीक्षक के अनुसार, जब्त शराब से संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने यह भी बताया कि शराब के मामले में कुछ महिलाओं को पकड़ा गया है। इसके अलावा, एक 16 वर्षीय किशोर को भी पकड़े जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, पकड़े गए लोगों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। औरंगाबाद के जम्होर थाना क्षेत्र अंतर्गत चित्रगोपी गांव के पास उत्पाद विभाग के कर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। शराब बेचने के आरोप को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हंगामे में बदल गया। इस दौरान उत्पाद विभाग की गाड़ी रोकने, पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज करने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया है। हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वारयल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों की ओर से बनाए गए वीडियो में उत्पाद पुलिस पर ही शराब बेचने का आरोप लगाया जा रहा है। वहीं, उत्पाद विभाग की ओर से बनाए गए वीडियो में कुछ लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के कारण पूरे मामले को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
250 बोतल शराब के साथ पकड़ा गया था कथित धंधेबाज इस मामले में उत्पाद अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि टीम ने नवीनगर के फुठहरवा गांव के समीप कार्रवाई करते हुए एक कथित धंधेबाज को 250 बोतल शराब के साथ पकड़ा था। कार्रवाई के बाद जब्त शराब को ऑटो पर लादकर उत्पाद कार्यालय लाया जा रहा था। वहीं, गिरफ्तार किए गए धंधेबाज को उत्पाद विभाग की स्कॉर्पियो में बैठाया गया था। उत्पाद अधीक्षक के अनुसार, इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने गाड़ी को रोक लिया और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मियों के साथ गाली-गलौज की गई और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। उत्पाद विभाग के पुलिस पदाधिकारी चंद्रभूषण कुमार के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। विभाग की ओर से इस घटना को सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने से जुड़ा मामला बताया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों की ओर से वायरल वीडियो में उत्पाद पुलिस पर ही शराब बेचने का आरोप लगाया जा रहा है। इन परस्पर विरोधी दावों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के दौरान कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल, उत्पाद विभाग की कार्रवाई और उसके बाद हुए विवाद को लेकर क्षेत्र में चर्चा जारी है। वायरल वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्राथमिकी दर्ज, महिलाओं और 16 वर्षीय किशोर के पकड़े जाने की जानकारी उत्पाद अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन की जा रही है। जांच के दौरान जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उत्पाद विभाग का आरोप है कि हंगामा करने वाले कुछ लोग स्वयं भी शराब के कारोबार में संलिप्त हैं। विभाग की ओर से ऐसे लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है। उत्पाद अधीक्षक के अनुसार, जब्त शराब से संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने यह भी बताया कि शराब के मामले में कुछ महिलाओं को पकड़ा गया है। इसके अलावा, एक 16 वर्षीय किशोर को भी पकड़े जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, पकड़े गए लोगों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

