UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से गठबंधन को लेकर दिए गए बयान ने राजनीतिक बहस तेज कर दी है। ओवैसी ने भाजपा को उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने से रोकने के लिए विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की पेशकश की है। इसी पर महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस को AIMIM के साथ गठबंधन करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने ओवैसी पर भाजपा की मदद करने के आरोप लगाए। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि बीजेपी को हराने के लिए दोनों पार्टियां मिलकर ही सक्षम हैं और अगर ओवैसी इस गठबंधन में आते हैं, तो नैया डूबना तय है।
ओवैसी बीजेपी की B टीम- उद्धव सेना का आरोप
मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान आनंद दुबे ने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी भारतीय जनता पार्टी की B टीम हैं, हम सबको उनसे सावधान रहना चाहिए।” उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में AIMIM के चुनाव लड़ने से विपक्षी दलों के वोटों का बंटवारा होता है और इससे भाजपा को फायदा पहुंचता है।
दुबे ने सपा और कांग्रेस को AIMIM के साथ गठबंधन नहीं करने की सलाह देते हुए कहा कि दोनों दल मिलकर ही चुनाव लड़ने की तैयारी करें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ओवैसी की पार्टी चुनाव के दौरान भाजपा को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचाती है।
कांग्रेस नेता ने भी गठबंधन पर कही बात
आपकी दी गई जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस नेता जगताप ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के संभावित गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व करेगा। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता निर्णय लेंगे।
उन्होंने भी पिछले चुनावों में कुछ सीटों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों की हार में AIMIM की भूमिका होने का दावा किया। उनका कहना था कि यदि ओवैसी वास्तव में भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों के साथ आना चाहते हैं, तो उन्हें समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत करनी चाहिए।
ओवैसी ने दिया है विपक्षी दलों को खुला ऑफर
दरअसल, 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी ने गठबंधन को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। कानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जो भी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा को लगातार तीसरी बार सरकार बनाने से रोकना चाहती है, वह AIMIM के साथ गठबंधन कर सकती है। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन के लिए तैयार है।
ओवैसी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने अभी तक सीटों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। AIMIM की ओर से उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए जिला स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। उनका जोर विधानसभा में मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने पर भी है।
2 अक्टूबर को AIMIM करेगी गठबंधन पर फैसला
ओवैसी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन को लेकर AIMIM 2 अक्टूबर तक अपना फैसला घोषित करेगी। यानी आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है कि AIMIM अकेले चुनाव मैदान में उतरती है या किसी विपक्षी दल के साथ गठबंधन करती है।
ओवैसी की ओर से गठबंधन का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सपा और कांग्रेस के बीच संभावित तालमेल तथा AIMIM की भूमिका को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
ओवैसी के बयान से गरमाई सियासत
AIMIM का उत्तर प्रदेश में चुनावी मैदान में उतरना सपा और कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दा बन रहा है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि AIMIM की मौजूदगी से भाजपा को फायदा हो सकता है। दूसरी ओर, ओवैसी लगातार यह कहते रहे हैं कि उनकी पार्टी मुस्लिम समुदाय को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए चुनाव लड़ रही है।
इस तरह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले एक तरफ सपा-कांग्रेस के संभावित गठबंधन की चर्चा है, तो दूसरी तरफ AIMIM विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की संभावनाएं तलाश रही है। अब सबकी नजर 2 अक्टूबर पर है, जब ओवैसी गठबंधन को लेकर पार्टी का अगला कदम स्पष्ट कर सकते हैं।

