एमपी BJP में फिर कलह, प्राधिकरण अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष पर लगाए प्रताड़ना के आरोप, CM तक पहुंचा मामला

एमपी BJP में फिर कलह, प्राधिकरण अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष पर लगाए प्रताड़ना के आरोप, CM तक पहुंचा मामला

Vindhya Development Authority Dispute: विंध्य क्षेत्र में पहले से ही भाजपा नेताओं के बीच कलह मची है, अब विंध्य विकास प्राधिकरण में भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच ठन गई है। दरअसल, प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति (Panchulal Prajapati) ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उपाध्यक्ष अजय सिंह (Ajay Singh) पर मानसिक प्रताड़ना, प्रशासनिक कामकाज में हस्तक्षेप और अधिकारियों पर दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की भी मांग की है। यह शिकायती पत्र सत्ता के अलावा संगठन में भाजपा के प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और रीवा-शहडोल के संबंधित पदाधिकारियों तक भेजा गया है। प्रजापति का दावा है कि अजय सिंह ने कथित तौर पर रीवा के कलेक्टर-कमिश्नर पर दबाव बना प्राधिकरण के कामकाज को प्रभावित करने की बात कही। वहीं शहडोल में पदस्थ जिला योजना अधिकारी डीके अहिरवार की जॉइनिंग नियम विरुद्ध बता सवाल उठाए।

अजाक थाने में पहले शिकायत, फिर यू-टर्न

प्रजापति ने उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह पर कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस तरह के व्यवहार से उनके सम्मान, प्रतिष्ठा और अध्यक्षीय पद की गरिमा प्रभावित हुई है। प्रजापति ने पहले इसकी शिकायत अजाक थाना रीवा में भी की। हालांकि अगले ही दिन यू-टर्न लेकर शिकायत वापस भी ले ली।

दोनों को भोपाल तलब किया है: खंडेलवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि विंध्य विकास प्राधिकरण अध्यक्ष की ओर से शिकायत की गई है। इस मामले में संगठन की ओर से दोनों ही पदाधिकारियों को भोपाल बुलाया गया है। यहां उन्हें समझाया जाएगा और आपसी मतभेद दूर किए जाएंगे।

प्राधिकरण के सीईओ को लेकर आपस में ठनी

प्राधिकरण के सीईओ को हटवा कर अध्यक्ष पंचू प्रजापति ने तृतीय श्रेणी अधिकारी केडी साकेत को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) बनवा दिया। जिसके बाद प्राधिकरण के दोनों उपाध्यक्षों ने विरोध किया। इसके बाद सरकार ने साकेत की जगह प्रथम श्रेणी अधिकारी डीके अहिरवार को सीईओ बनाया। यहीं से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच आपसी तनातनी और ठन गई और पंचूलाल उपाध्यक्ष के खिलाफ शिकायत करने सीधे भोपाल पहुंच गए।

उपाध्यक्ष बोले- मुझे कोई जानकारी नहीं

अध्यक्ष ने क्या आरोप लगाया है, मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जहां तक सवाल जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का है, तो आरोप गलत हैं और न ही ऐसे कोई साक्ष्य हैं।- अजय सिंह, उपाध्यक्ष, विंध्य विकास प्राधिकरण

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *