एंबुलेंस कर्मियों ने तीसरे दिन काला बिल्ला लगाया, आज कैंडल मार्च

एंबुलेंस कर्मियों ने तीसरे दिन काला बिल्ला लगाया, आज कैंडल मार्च

झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ झारखंड के आह्वान पर लंबित मांगों के समर्थन में आंदोलन के तीसरे दिन भी जिले के 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य करते हुए सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। शुक्रवार को एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारी कैंडल मार्च निकालेंगे। संघ के सदस्यों ने कहा कि राज्य में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में जिला स्तर पर सरकारी माध्यम से 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन प्रारंभ करना, सम्मान फाउंडेशन द्वारा सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को संबंधित जिलों में पुनः सेवा में बहाल करना, ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी, न्यूनतम वेतन सहित सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना शामिल है। संघ के सदस्यों ने कहा कि बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान बीस दिनों में हमारी मांगों के समाधान का आश्वासन दिया था। लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बावजूद ठोस कार्यवाही नहीं होने के कारण मंगलवार से चरणबद्ध आंदोलन आरंभ किया गया है। इसके तहत 6-9 अक्तूबर तक काला बिल्ला लगाकर कार्य कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद नौ अक्तूबर को कैंडल मार्च, 12 अक्टूबर भिक्षाटन कार्यक्रम, 14 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन तथा 16 अक्टूबर को राज्यव्यापी एक दिवसीय हड़ताल के साथ एनएचएम कार्यालय, नामकुम के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 21 अक्टूबर से राज्यभर में 108 एंबुलेंस कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल कर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। काला बिल्ला लगाकर विरोध जताने वालों में मुख्य रूप से कुणाल बनर्जी, विकास, सिकंदर महतो, अरविंद यादव, भारत महतो, मुकेश कुमार, बसंत महतो, अनिल कुमार, शंकर कुमार, रोहित महतो, हेमंत कुमार, आनंद, मनोज, लोकेश सहित कई 108 एंबुलेंस कर्मी शामिल थे। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ झारखंड के आह्वान पर लंबित मांगों के समर्थन में आंदोलन के तीसरे दिन भी जिले के 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य करते हुए सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। शुक्रवार को एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारी कैंडल मार्च निकालेंगे। संघ के सदस्यों ने कहा कि राज्य में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में जिला स्तर पर सरकारी माध्यम से 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन प्रारंभ करना, सम्मान फाउंडेशन द्वारा सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को संबंधित जिलों में पुनः सेवा में बहाल करना, ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी, न्यूनतम वेतन सहित सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना शामिल है। संघ के सदस्यों ने कहा कि बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान बीस दिनों में हमारी मांगों के समाधान का आश्वासन दिया था। लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बावजूद ठोस कार्यवाही नहीं होने के कारण मंगलवार से चरणबद्ध आंदोलन आरंभ किया गया है। इसके तहत 6-9 अक्तूबर तक काला बिल्ला लगाकर कार्य कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद नौ अक्तूबर को कैंडल मार्च, 12 अक्टूबर भिक्षाटन कार्यक्रम, 14 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन तथा 16 अक्टूबर को राज्यव्यापी एक दिवसीय हड़ताल के साथ एनएचएम कार्यालय, नामकुम के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 21 अक्टूबर से राज्यभर में 108 एंबुलेंस कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल कर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। काला बिल्ला लगाकर विरोध जताने वालों में मुख्य रूप से कुणाल बनर्जी, विकास, सिकंदर महतो, अरविंद यादव, भारत महतो, मुकेश कुमार, बसंत महतो, अनिल कुमार, शंकर कुमार, रोहित महतो, हेमंत कुमार, आनंद, मनोज, लोकेश सहित कई 108 एंबुलेंस कर्मी शामिल थे।  

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