उज्जैन में मस्जिद ढहाने की कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन की यह मस्जिद 600 साल पुरानी है। नगर निगम, पुलिस और प्रशासन द्वारा अचानक बुलडोजर चलाए जाने के विरोध में मुस्लिम समाज सड़कों पर उतर आया और मस्जिद की हिफाजत के लिए लोग दिन-रात वहीं डटे रहे। प्रशासन को सबसे पहले मस्जिद कमेटी से बातचीत कर सहमति बनानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसी जल्दबाजी और लापरवाही के चलते लोग आक्रोशित हुए और हिंसा भड़क गई। हिंसा किसी मसले का हल नहीं, दायरे में रहकर करें एहतजाज
मौलाना ने मुस्लिम समुदाय से अपील करते हुए कहा कि वे संयम बरतें और हर हाल में शांति बनाए रखें। अगर विरोध करना है, तो कानून के दायरे में रहकर ही प्रदर्शन करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह नई और गंभीर मुश्किलें खड़ी करती है। विरोध (एहतजाज) दर्ज कराना हर नागरिक का कानूनी अधिकार है, लेकिन यह सब तय कानूनी कायदे और मर्यादा में रहकर ही होना चाहिए। उज्जैन के मुसलमानों से मौलाना की अपील: अमन कायम रखें
मौलाना बरेलवी ने विशेष रूप से उज्जैन के लोगों से शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि शहर में साम्प्रदायिक तनाव का माहौल न बनने दें और भाईचारा कायम रखें। किसी भी सूरत में उग्र या हिंसक प्रदर्शन का हिस्सा न बनें।

