संतकबीरनगर के खलीलाबाद में पूर्व मदरसा शिक्षक शमसुल हुदा खान की 53.46 लाख रुपए कीमत की रिहायशी संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय ने अस्थायी रूप से कुर्क की है। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए के तहत यह कार्रवाई की है। जब्त संपत्ति 189.75 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड है, जो शमसुल हुदा के नाम दर्ज है। ईडी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू हुई थी। आरोप है कि शमसुल हुदा ने 19 दिसंबर 2013 को ब्रिटिश नागरिकता हासिल की, लेकिन इसकी जानकारी छिपाकर खुद को भारतीय नागरिक बताते रहे। इसी दौरान भारतीय दस्तावेजों का इस्तेमाल कर संतकबीरनगर में संपत्तियां खरीदने और आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित सरकारी सहायता प्राप्त मदरसे में शिक्षक के रूप में काम करते रहने का आरोप है। ब्रिटिश नागरिकता के बाद भी शिक्षक बने रहने का आरोप ईडी की जांच के अनुसार शमसुल हुदा ने ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद भी भारतीय नागरिक के तौर पर पहचान बनाए रखी। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने सरेंडर किए गए भारतीय पासपोर्ट के साथ पैन, आधार और वोटर आईडी का इस्तेमाल संतकबीरनगर में अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया। वह आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित सरकारी सहायता प्राप्त मदरसे में सहायक शिक्षक के पद पर भी बने रहे। मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में पुलिस की एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच आगे बढ़ाई। 2007 से 2017 तक सेवा सत्यापन नहीं हुआ उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की जांच में सामने आया कि वर्ष 2007 से 2017 तक शमसुल हुदा की सेवा का सत्यापन नहीं हुआ था। इसके बावजूद वर्ष 2017 में उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी वीआरएस दे दिया गया और पेंशन संबंधी लाभ भी मिले। ईडी के मुताबिक, सरकारी खजाने से उनके बैंक खाते में वेतन, पेंशन और जीपीएफ के रूप में कुल 53.46 लाख रुपये पहुंचे। एजेंसी ने इस रकम को अपराध से अर्जित आय माना है। रकम खर्च हुई तो बराबर कीमत की जमीन अटैच ईडी के अनुसार, वेतन, पेंशन और जीपीएफ से मिली रकम बाद में खर्च हो गई। ऐसे में एजेंसी ने अपराध से अर्जित आय के बराबर कीमत की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। खलीलाबाद में शमसुल हुदा के नाम दर्ज 189.75 वर्ग मीटर के आवासीय भूखंड की कीमत 53.46 लाख रुपये आंकी गई है। फरवरी में दो ठिकानों पर हुई थी तलाशी ईडी ने इसी मामले में 11 फरवरी 2026 को संतकबीरनगर और आजमगढ़ से जुड़े दो ठिकानों पर तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान पीएमएलए के तहत कई दस्तावेज जब्त किए गए थे। ईडी की जांच में शमसुल हुदा और उनसे जुड़े लोगों की संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से संबंधित अन्य पहलुओं की भी पड़ताल जारी है।

