सिर और गर्दन के कैंसर की पहचान और आधुनिक उपचार को लेकर रविवार को होटल चाणक्य में वैज्ञानिक परिचर्चा हुई। इंडियन डेंटल एसोसिएशन (बिहार), आईडीए पाटलिपुत्र, नारायणा कैंसर सेंटर और आईडीए पटना सेंट्रल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। ‘हेड एंड नेक कैंसर अपडेट’ कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मुंह के कैंसर की शुरुआती अवस्था से लेकर सर्जरी, पुनर्निर्माण, रेडिएशन, लक्षित उपचार और इम्यूनोथेरेपी तक की जानकारी साझा की। इस मौके पर जाने-माने कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक आनंद ने मुंह में कैंसर से पहले होने वाले घावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुंह में लंबे समय तक रहने वाले असामान्य घाव या बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच से बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान संभव है।उन्होंने मुंह के कैंसर में सर्जरी की आधुनिक तकनीकों पर भी चर्चा की। कीमोथेरेपी-रेडिएशन थेरेपी से आगे बढ़ा कैंसर का इलाज आईडीए के अध्यक्ष डॉ कुमार मानवेंद्र ने बताया कि कैंसर का इलाज कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी से आगे आगे बढ़ गया है। अब इम्यूनोथेरेपी आ गया है। वहीं, डॉ. असीम मिश्रा, प्रोफेसर एवं एचओडी, हेड एंड नेक सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, टाटा मेमोरियल सेंटर, वाराणसी ने कैंसरग्रस्त हिस्से को निकालने के बाद पुनर्निर्माण की तकनीकों और उनकी उपयोगिता पर जानकारी दी।साथ ही रेडिएशन उपचार की तकनीकों और हेड एंड नेक कैंसर की सर्जरी में इसकी भूमिका बताई। सिर और गर्दन के कैंसर की पहचान और आधुनिक उपचार को लेकर रविवार को होटल चाणक्य में वैज्ञानिक परिचर्चा हुई। इंडियन डेंटल एसोसिएशन (बिहार), आईडीए पाटलिपुत्र, नारायणा कैंसर सेंटर और आईडीए पटना सेंट्रल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। ‘हेड एंड नेक कैंसर अपडेट’ कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मुंह के कैंसर की शुरुआती अवस्था से लेकर सर्जरी, पुनर्निर्माण, रेडिएशन, लक्षित उपचार और इम्यूनोथेरेपी तक की जानकारी साझा की। इस मौके पर जाने-माने कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक आनंद ने मुंह में कैंसर से पहले होने वाले घावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुंह में लंबे समय तक रहने वाले असामान्य घाव या बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच से बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान संभव है।उन्होंने मुंह के कैंसर में सर्जरी की आधुनिक तकनीकों पर भी चर्चा की। कीमोथेरेपी-रेडिएशन थेरेपी से आगे बढ़ा कैंसर का इलाज आईडीए के अध्यक्ष डॉ कुमार मानवेंद्र ने बताया कि कैंसर का इलाज कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी से आगे आगे बढ़ गया है। अब इम्यूनोथेरेपी आ गया है। वहीं, डॉ. असीम मिश्रा, प्रोफेसर एवं एचओडी, हेड एंड नेक सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, टाटा मेमोरियल सेंटर, वाराणसी ने कैंसरग्रस्त हिस्से को निकालने के बाद पुनर्निर्माण की तकनीकों और उनकी उपयोगिता पर जानकारी दी।साथ ही रेडिएशन उपचार की तकनीकों और हेड एंड नेक कैंसर की सर्जरी में इसकी भूमिका बताई।

