बनारसी साड़ी के सभी प्रोडक्ट आगामी 10 सितंबर से महंगे हो जाएंगे। बुनकरों के प्रतिष्ठित संस्था बुनकर उद्योग मंडल ने इस बात का आह्वान किया है। इस फैसले पर बुनकर बिरादराना तंजीम, बुनकर उद्योग मंडल, हिंदू बुनकर कल्याण समिति तथा गिरस्ता एवं व्यापारी बंधुओं ने अपनी सहमति जताई है। बनारसी साड़ी का कच्चा माल अमेरिका- ईरान युद्ध के बाद से महंगा हुआ है। क्योंकि ये सभी पेट्रो प्रोडेक्टस हैं। कच्चे माल पर बढ़ा दाम बुनकर उद्योग मंडल के महासचिव मोहम्मद जुबेर ने बताया – 10 सितंबर 2026 से बनारसी साड़ी, दुपट्टा, थान, सूट फैब्रिक समेत तैयार कपड़ों की कीमतों में 10 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी की तैयारी है। पिछले एक सप्ताह से हम लोगों ने बुनकर के सभी संगठनों एक कर एक सहमति बनाई है। कच्चे माल पर 20 से 25 प्रतिशत दाम बढ़ गया है। ऐसे हम लोगों ने यह फैसला लिया है कि अब आने वाली 10 सितंबर से हमारे प्रोडक्ट का दाम बढ़ाकर मार्केट में भेजेंगे। सभी गद्दीदार सहमत जुबेर ने बताया – इस बढ़ोत्तरी में कोई विरोधाभास नहीं है। क्योंकि हमारा जो कच्चा माल महंगा हुआ है। उसके लिए हमें अपना प्रोडक्ट महंगा करना पड़ रहा है। गद्दीदार जो हैं जहां से प्रोडक्ट लोग खरीद्ते हैं। वो भी इस बात से सहमत हैं। मार्किट दाम बढ़ाने के लिए सहमत है। अमेरिका-ईरान युद्ध का इफेक्ट सहकार भारती के प्रदेश प्रमुख और वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ के उपाध्यक्ष शैलेश सिंह ने बताया – अमेरिका-ईरान युद्ध का सीधा असर पेट्रो प्रोडक्ट्स पर पड़ रहा है। बनारसी साड़ी में ज्यादातर पेट्रो प्रोडक्ट्स ही इस्तेमाल होता है। ऐसे में दाम बढ़ना लाजमी है क्योंकि पेट्रो प्रोडक्ट्स महंगे हो रहे हैं। ऐसे में सभी इस बढ़ोत्तरी से सहमत हैं। क्योंकि लागत के बराबर भी अगर पैसा नहीं मिलेगा तो कारोबार ठप हो जाएगा। और लोग पलायन करने लगेंगे।

