एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता सम्मान कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें राष्ट्रपति वीरता पदक (GM) से भी सम्मानित किया जाएगा। जनवरी 2025 में शामली के झिंझाना क्षेत्र में बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है। जनवरी 2025 में झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने एसटीएफ टीम का नेतृत्व किया था। इस दौरान पुलिस टीम का सामना हथियारबंद बदमाशों से हुआ। मुठभेड़ के दौरान सुनील कुमार को शरीर में तीन गोलियां लगीं, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह मोर्चे पर डटे रहे और टीम का नेतृत्व करते रहे। कार्रवाई में चार बदमाश मारे गए मुठभेड़ में मुकीम काला गैंग के एक लाख रुपये के इनामी बदमाश अरशद समेत चार बदमाश मारे गए थे। पुलिस ने मौके से विदेशी कार्बाइन और पिस्तौल समेत कई हथियार बरामद किए थे। गंभीर रूप से घायल इंस्पेक्टर सुनील कुमार को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। टीम की ढाल बनकर डटे रहे मुठभेड़ के दौरान सुनील कुमार ने अपनी टीम को संभाले रखा। तीन गोलियां लगने के बाद भी उन्होंने कर्तव्य से कदम पीछे नहीं खींचे। उनके नेतृत्व और साहस ने पूरी टीम का हौसला बनाए रखा। उनके लिए अपनी सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण साथियों की सुरक्षा और अभियान को सफल बनाना था। मेरठ के मसूरी गांव के रहने वाले थे इंस्पेक्टर सुनील कुमार मूल रूप से मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के मसूरी गांव के रहने वाले थे। उनकी शहादत के बाद परिवार और पुलिस विभाग में शोक की लहर थी। अब कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने पर उनकी वीरता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलेगा। शहादत को मिला देश का सलाम सुनील कुमार की वीरता और सर्वोच्च बलिदान को कीर्ति चक्र के जरिए सम्मान दिया जाएगा। उनकी शहादत पुलिस विभाग के लिए साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है। तीन गोलियां लगने के बाद भी मोर्चे पर डटे रहना उनकी बहादुरी और देशसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।


