इंपैक्ट फीचर:पारुल यूनिवर्सिटी ने भविष्य के कौशल के लिए लक्ष्य 2047 सेंटर लॉन्च किया, छात्रों को मिलेगा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एक्सपोजर

देश की अग्रणी निजी विश्वविद्यालयों में शामिल वडोदरा स्थित पारुल यूनिवर्सिटी ने तकनीक आधारित शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देने के लिए ‘लक्ष्य 2047 : सेंटर फॉर फ्यूचर स्किल्स’ की शुरुआत की है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन से प्रेरित है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस यह सेंटर छात्रों को अकादमिक पढ़ाई और इंडस्ट्री में तेजी से बदलती तकनीकों के बीच तालमेल बैठाने में मदद करेगा। इसका उद्घाटन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुआ। AI, मशीन लर्निंग और साइबर सिक्योरिटी पर फोकस ‘लक्ष्य 2047’ के तहत कई हाईटेक इंडस्ट्रियल लैब्स स्थापित की गई हैं, जहां छात्रों को भविष्य की तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से दुनिया की कुछ जानीमानी टेक कंपनियों के सहयोग से स्टूडेंट्स को ग्लोबल टेक्नोलॉजी एक्सपोजर मिलेगा। ग्लोबल स्टैंडर्ड टेक्नोलॉजी लैब्स की सुविधा यूनिवर्सिटी में AWS, Apple, Adobe, Autodesk, ANSYS और VLSI जैसी टेक्नोलॉजी लैब्स भी तैयार की गई हैं। इन लैब्स में छात्र क्लाउड कंप्यूटिंग, iOS प्रोग्रामिंग, डिजिटल डिजाइन, सेमीकंडक्टर डिवाइसेज और इंजीनियरिंग सिमुलेशन जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम कर सकेंगे। AICTE और AVPL/IDEA लैब जोन को भी इस इकोसिस्टम का हिस्सा बनाया गया है। यह जोन इनोवेशन और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है। NVIDIA लैब यह लैब छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और GPU कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगी। Cisco लैब यहां साइबर सिक्योरिटी, नेटवर्किंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। ABB इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स लैब इस लैब में इंडस्ट्री 4.0 से जुड़ी रोबोटिक्स और ऑटोमेशन तकनीकों पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जाएगी। AR/VR लैब यह लैब छात्रों को वर्चुअल और इमर्सिव लर्निंग एक्सपीरियंस उपलब्ध कराएगी। Microsoft लैब इसका फोकस छात्रों की कम्युनिकेशन और डिजिटल स्किल्स को बेहतर बनाने पर रहेगा। रिसर्च और इनोवेशन को मिलेगा नया मंच यूनिवर्सिटी में रिसर्च आधारित माइंड लैब, सेंसर लैब और AICTE समर्थित IDEA लैब भी स्थापित की गई हैं। इनका उद्देश्य छात्रों के भीतर रिसर्च और इनोवेशन की सोच को बढ़ावा देना है। इन सुविधाओं के जरिए छात्रों को सिर्फ थ्योरी नहीं, बल्कि प्रयोग और शोध आधारित सीखने का अवसर मिलेगा। इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन और स्किल मिशन से जुड़ाव इस पहल को मजबूत बनाने के लिए यूनिवर्सिटी ने National Skill Development Corporation (NSDC) और Ethnotech Academy के साथ साझेदारी की है। इसके तहत छात्रों को इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन कोर्स, आर्थिक सहायता और राष्ट्रीय स्तर के स्किल मिशनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता और इंडस्ट्री रेडीनेस दोनों मजबूत होंगी। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की सोच के साथ टेक्नोलॉजी शिक्षा ‘लक्ष्य 2047’ का उद्देश्य केवल तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी समझने वाले और वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाले प्रोफेशनल्स तैयार करना भी है। यह पहल ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए नैतिक नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इनोवेशन, इंडस्ट्री कनेक्शन और नैतिक मूल्यों का संतुलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पारुल यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. देवांशु पटेल ने कहा कि यूनिवर्सिटी ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जहां इनोवेशन, इंडस्ट्री कनेक्शन और नैतिक मूल्यों का संतुलन छात्रों को भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार करेगा। वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ‘लक्ष्य 2047’ जैसी पहलें भारत के भविष्य के टैलेंट इकोसिस्टम और तकनीकी विकास को नई दिशा देंगी। शिक्षा में नए मानक स्थापित करने की कोशिश देश की अग्रणी यूनिवर्सिटीज में शुमार पारुल यूनिवर्सिटी अपनी ‘लक्ष्य 2047’ जैसी दूरदर्शी पहलों के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री कनेक्टेड शिक्षा के जरिए यह सेंटर छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। ————————————————–

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *