मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर रविवार को आलीराजपुर में समारोह आयोजित किया गया। स्वाभिमान पर्व के तहत हुई क्विज प्रतियोगिता के विजेता तीन किसानों को ट्रैक्टर, बुलेट और ई-स्कूटी की राशि के चेक और चाबियां दी गईं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान थे। शासकीय महाविद्यालय आलीराजपुर के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री चौहान ने कहा कि 2047 तक विकसित मध्यप्रदेश बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब हर नागरिक विकास में भागीदारी करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विकसित मध्यप्रदेश का लक्ष्य तय किया है। चौहान ने कहा कि आलीराजपुर जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। विकास की शुरुआत घर और परिवार से होती है। नशा और दहेज जैसी कुरीतियां खत्म करने के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी है। कम उम्र के बच्चे भी नशे की गिरफ्त में मंत्री ने जिले में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चे भी गुटखा और तंबाकू की गिरफ्त में आ रहे हैं। इससे उनके स्वास्थ्य के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और दूसरों को जागरूक करने की अपील की। उन्होंने मिशन 3D अभियान के सकारात्मक नतीजों का जिक्र करते हुए शिक्षा को विकास का आधार बताया। जिले में संचालित 150 से अधिक छात्रावासों को विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण का माध्यम बताया। क्विज में इन किसानों को मिले पुरस्कार प्रतियोगिता में ग्राम वानाजाबयड़ा, जोबट के कलम डुडवे ने पहला स्थान हासिल किया। उन्हें ट्रैक्टर की राशि का चेक और चाबी दी गई। चिखली, सोंडवा के किस्मत मंडलोई को दूसरे पुरस्कार के रूप में बुलेट की राशि का चेक दिया गया। वहीं कालीखेतर, जोबट के किसान को तीसरे पुरस्कार में ई-स्कूटी की राशि का चेक मिला। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर किसानों को उपयोगी पुरस्कार दिए जा रहे हैं। इसके तहत हर जिले से तीन किसानों का चयन किया गया है।

