कैमूर में दीपावली और छठ के दौरान दूसरे राज्यों से बिहार आने-जाने वाले 0 से 5 साल तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके लिए जिले में 5 से 16 नवंबर 2026 तक विशेष पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत यात्रा करने वाले बच्चों को रास्ते में ही पोलियो की दवा दी जाएगी। त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी परिवार दूसरे राज्यों से बिहार लौटते हैं। पर्व समाप्त होने के बाद वे वापस अपने कामकाज वाले राज्यों में जाते हैं। उनके साथ छोटे बच्चे भी यात्रा करते हैं। ऐसे में कोई बच्चा पोलियो की खुराक से छूट न जाए, इसके लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर तैनात होंगी टीमें राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सिविल सर्जन को अभियान की तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग जिले के प्रवेश स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख रास्तों की पहचान कर रहा है। इन स्थानों पर 5 से 16 नवंबर तक ट्रांजिट दल तैनात रहेंगे। बिना टीका लगे बच्चों से संक्रमण फैलने का खतरा स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दूसरे राज्यों से बिना पोलियो की खुराक लिए बच्चों के जिले में आने से वायरस फैलने का जोखिम बना रहता है। इस खतरे को रोकने और बच्चों को सुरक्षा देने के लिए यात्रा के दौरान ही उनकी पहचान कर पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। छठ घाटों पर भी दो दिन तैनात रहेंगी टीमें छठ के दौरान घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए वहां भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। 15 और 16 नवंबर को छठ घाटों पर ट्रांजिट दल तैनात रहेंगे। अभियान के दौरान 0 से 5 साल तक के बच्चों को बाइवैलेंट ओरल पोलियो वैक्सीन (bOPV) दी जाएगी। कैमूर में दीपावली और छठ के दौरान दूसरे राज्यों से बिहार आने-जाने वाले 0 से 5 साल तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके लिए जिले में 5 से 16 नवंबर 2026 तक विशेष पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत यात्रा करने वाले बच्चों को रास्ते में ही पोलियो की दवा दी जाएगी। त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी परिवार दूसरे राज्यों से बिहार लौटते हैं। पर्व समाप्त होने के बाद वे वापस अपने कामकाज वाले राज्यों में जाते हैं। उनके साथ छोटे बच्चे भी यात्रा करते हैं। ऐसे में कोई बच्चा पोलियो की खुराक से छूट न जाए, इसके लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर तैनात होंगी टीमें राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सिविल सर्जन को अभियान की तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग जिले के प्रवेश स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख रास्तों की पहचान कर रहा है। इन स्थानों पर 5 से 16 नवंबर तक ट्रांजिट दल तैनात रहेंगे। बिना टीका लगे बच्चों से संक्रमण फैलने का खतरा स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दूसरे राज्यों से बिना पोलियो की खुराक लिए बच्चों के जिले में आने से वायरस फैलने का जोखिम बना रहता है। इस खतरे को रोकने और बच्चों को सुरक्षा देने के लिए यात्रा के दौरान ही उनकी पहचान कर पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। छठ घाटों पर भी दो दिन तैनात रहेंगी टीमें छठ के दौरान घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए वहां भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। 15 और 16 नवंबर को छठ घाटों पर ट्रांजिट दल तैनात रहेंगे। अभियान के दौरान 0 से 5 साल तक के बच्चों को बाइवैलेंट ओरल पोलियो वैक्सीन (bOPV) दी जाएगी।

