उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पूरी कर वापस लौट रहे मध्य प्रदेश के आलीराजपुर और जोबट क्षेत्र के करीब 145 श्रद्धालु एक विवाद के चलते रास्ते में ही फंस गए। बद्रीनाथ से लगभग 75 किलोमीटर दूर मायापुर गांव में ट्रैवल एजेंसी ने सभी बसों को रोक दिया। ट्रैवल एजेंसी और यात्रा आयोजक के बीच पुराने पैसों के लेन-देन को लेकर चल रही खींचतान की वजह से बुजुर्गों और बच्चों समेत बड़ी संख्या में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 5100 रुपए में तय हुई थी यात्रा, वापसी में रोका रास्ता जानकारी के मुताबिक, 18 सितंबर को आलीराजपुर से केवलरामदासजी महाराज की अगुवाई में ‘श्री केवलराम मानस यात्रा’ रवाना हुई थी। करीब दो हफ्ते की इस यात्रा में श्रद्धालुओं को केदारनाथ, बद्रीनाथ, रुद्रप्रयाग और यमुनोत्री के दर्शन कराने का प्लान था, जिसके लिए हर यात्री से 5100 रुपए लिए गए थे। हरिद्वार पहुंचने के बाद ट्रैवल एजेंसी के जरिए आगे की बसों का इंतजाम किया गया था। बद्रीनाथ के दर्शन करके लौटते समय बुधवार को मायापुर में ट्रैवल एजेंसी संचालक ने बसें खड़ी करवा दीं। एजेंसी का कहना था कि यात्रा आयोजक पर पिछला बकाया पैसा बाकी है और जब तक पूरा भुगतान नहीं होता, बसें आगे नहीं बढ़ेंगी। अचानक बसें रुकने और कोई दूसरा साधन न मिलने से यात्री बुधवार से ही फंसे रहे, जहां उन्हें खाने-पीने और रहने की काफी दिक्कत उठानी पड़ी। आलीराजपुर प्रशासन आया एक्शन में मामले की गंभीरता को देखते हुए आलीराजपुर कलेक्टर नीतू माथुर ने तुरंत उत्तराखंड के चमोली कलेक्टर से फोन पर संपर्क किया। इसके साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम के जरिए भी बातचीत की गई। प्रशासन के निर्देश पर स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और ट्रैवल एजेंसी और यात्रा आयोजक के बीच बातचीत शुरू कराई। बातचीत के बाद सुलझा मामला प्रशासन और पुलिस की मध्यस्थता के बाद यात्रा आयोजक महाराज से भी बात की गई। उन्होंने आश्वासन दिया है कि भुगतान का विवाद सुलझा लिया गया है और सभी श्रद्धालुओं को सुबह तक सुरक्षित आगे के सफर के लिए रवाना कर दिया जाएगा। आलीराजपुर जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से घंटों से परेशान श्रद्धालुओं और उनके चिंतित परिजनों ने राहत की सांस ली है।

