भागलपुर में हथियार के साथ गिरफ्तार एक आरोपी को पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया गया। हथियारबंद अपराधी ट्रेन पर चढ़ कर आरोपी को अपने साथ लेकर चले गए। हालांकि कुछ घंटे के बाद ही दोबारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना सबौर स्टेशन पर के पास का है। छुड़ाए गए आरोपी को सबौर एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी के पास से दोबारा गिरफ्तार किया गया। पुलिस को आरोपी को छुड़ाने वाले अपराधी के बारे में भी पता चल गया है। टीम उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। जिस आरोपी को छुड़ाया गया वह पीरपैंती के मधुबन टोला निवासी प्रिंस यादव है। उसे बीते रविवार की देर रात पिस्टल और कट्टा के साथ सुंदरवन गांव के पास ऑटो स्टैंड से पीरपैंती पुलिस ने पकड़ा था। हथियारबंद आरोपी ट्रेन से आरोपी को भगा कर ले गए सोमवार की दोपहर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कहलगांव-2 स्नेह सेतु ने आरोपी की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी। जिसके बाद आरोपी प्रिंस यादव को चार पुलिसकर्मी जिसमें एक एसआई के साथ दो सिपाही और एक चौकीदार भागलपुर कोर्ट के लिए लेकर निकले। पुलिस टीम आरोपी को पैसेंजर ट्रेन से भागलपुर ला रही थी। पीरपैंती स्टेशन से आरोपी को ट्रेन पर पुलिस टीम अपने साथ लेकर चली। रास्ते में सब सामान्य था। लेकिन सबौर स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन पहुंची। कुछ हथियारबंद अपराधी पुलिस पर हमला कर आरोपी प्रिंस यादव को पुलिस कस्टडी से छुड़ा कर ले भागे। चार पुलिस कर्मी मूकदर्शक बन कर रह गए। सबौर के ममलखा में आरोपी का रिश्तेदार, उन्हीं पर छुड़ाने का आरोप आरोपी प्रिंस यादव का सबौर के ममलखा में रिश्तेदार रहते हैं। गिरफ्तारी के बाद जब पीरपैंती से ट्रेन से आरोपी को भागलपुर ले जाया जा रहा था। इसकी जानकारी पहले से प्रिंस के रिश्तेदार को थी। ट्रेन के आने से पहले ही उसके रिश्तेदार काफी संख्या में स्टेशन पर जमा हो गए। उनमें से कुछ हथियार से लैस थे। ट्रेन के पहुंचने पर इन लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया। पुलिस की तरफ से कोर्ट में जो कागजात जमा किया गया है। उसमें लिखा है कि चार पुलिस कर्मी के मुकाबले आरोपी को छुड़ाने वाले ज्यादा संख्या में थे। इस कारण से पुलिस ज्यादा कुछ नहीं कर सकी। हमलावर आराम से आरोपी को छुड़ा कर ले गए। अपराधियों का गढ़ सबौर स्टेशन,आरपीएफ जवान की भी हुई थी हत्या सबौर स्टेशन और ममलखा गांव पहले से अपराधियों के लिए ऐशगाह है। यहां अपराधी का मनोबल इतना बढ़ा हुआ है कि पुलिस जवान भी सहमे रहते हैं। बीते मई में इसी स्टेशन से मुंगेर के आरपीएफ जवान को अगवा कर लिया गया था। फिर गला घोंट कर उसकी हत्या कर शव को फेंक दिया गया था। आरपीएफ जवान की हत्या में सभी आरोपी सबौर के ममलखा की रहने वाले हैं। आरोपियों मे ममलखा गांव के एक जनप्रतिनिधि का भी संबंधी शामिल था। भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि ट्रेन से आरोपी को पुलिस कि हिरासत से छुड़ाने की घटना हुई थी। छुड़ाए गए आरोपी को दोबारा पकड़ा गया। वह पहले शराब तस्करी का आरोपी रहा है। पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाने में आरोपी के कुछ साथी शामिल हैं। जिनके बारे में जानकारी जुटा कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। भागलपुर में हथियार के साथ गिरफ्तार एक आरोपी को पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया गया। हथियारबंद अपराधी ट्रेन पर चढ़ कर आरोपी को अपने साथ लेकर चले गए। हालांकि कुछ घंटे के बाद ही दोबारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना सबौर स्टेशन पर के पास का है। छुड़ाए गए आरोपी को सबौर एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी के पास से दोबारा गिरफ्तार किया गया। पुलिस को आरोपी को छुड़ाने वाले अपराधी के बारे में भी पता चल गया है। टीम उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। जिस आरोपी को छुड़ाया गया वह पीरपैंती के मधुबन टोला निवासी प्रिंस यादव है। उसे बीते रविवार की देर रात पिस्टल और कट्टा के साथ सुंदरवन गांव के पास ऑटो स्टैंड से पीरपैंती पुलिस ने पकड़ा था। हथियारबंद आरोपी ट्रेन से आरोपी को भगा कर ले गए सोमवार की दोपहर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कहलगांव-2 स्नेह सेतु ने आरोपी की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी। जिसके बाद आरोपी प्रिंस यादव को चार पुलिसकर्मी जिसमें एक एसआई के साथ दो सिपाही और एक चौकीदार भागलपुर कोर्ट के लिए लेकर निकले। पुलिस टीम आरोपी को पैसेंजर ट्रेन से भागलपुर ला रही थी। पीरपैंती स्टेशन से आरोपी को ट्रेन पर पुलिस टीम अपने साथ लेकर चली। रास्ते में सब सामान्य था। लेकिन सबौर स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन पहुंची। कुछ हथियारबंद अपराधी पुलिस पर हमला कर आरोपी प्रिंस यादव को पुलिस कस्टडी से छुड़ा कर ले भागे। चार पुलिस कर्मी मूकदर्शक बन कर रह गए। सबौर के ममलखा में आरोपी का रिश्तेदार, उन्हीं पर छुड़ाने का आरोप आरोपी प्रिंस यादव का सबौर के ममलखा में रिश्तेदार रहते हैं। गिरफ्तारी के बाद जब पीरपैंती से ट्रेन से आरोपी को भागलपुर ले जाया जा रहा था। इसकी जानकारी पहले से प्रिंस के रिश्तेदार को थी। ट्रेन के आने से पहले ही उसके रिश्तेदार काफी संख्या में स्टेशन पर जमा हो गए। उनमें से कुछ हथियार से लैस थे। ट्रेन के पहुंचने पर इन लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया। पुलिस की तरफ से कोर्ट में जो कागजात जमा किया गया है। उसमें लिखा है कि चार पुलिस कर्मी के मुकाबले आरोपी को छुड़ाने वाले ज्यादा संख्या में थे। इस कारण से पुलिस ज्यादा कुछ नहीं कर सकी। हमलावर आराम से आरोपी को छुड़ा कर ले गए। अपराधियों का गढ़ सबौर स्टेशन,आरपीएफ जवान की भी हुई थी हत्या सबौर स्टेशन और ममलखा गांव पहले से अपराधियों के लिए ऐशगाह है। यहां अपराधी का मनोबल इतना बढ़ा हुआ है कि पुलिस जवान भी सहमे रहते हैं। बीते मई में इसी स्टेशन से मुंगेर के आरपीएफ जवान को अगवा कर लिया गया था। फिर गला घोंट कर उसकी हत्या कर शव को फेंक दिया गया था। आरपीएफ जवान की हत्या में सभी आरोपी सबौर के ममलखा की रहने वाले हैं। आरोपियों मे ममलखा गांव के एक जनप्रतिनिधि का भी संबंधी शामिल था। भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि ट्रेन से आरोपी को पुलिस कि हिरासत से छुड़ाने की घटना हुई थी। छुड़ाए गए आरोपी को दोबारा पकड़ा गया। वह पहले शराब तस्करी का आरोपी रहा है। पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाने में आरोपी के कुछ साथी शामिल हैं। जिनके बारे में जानकारी जुटा कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

