आईएसआई समर्थित 2 मॉड्यूल पर कार्रवाई…:खासा कैंट आईईडी ब्लास्ट के मामले में पांच महीने के बाद चार आरोपी काबू

आईएसआई समर्थित 2 मॉड्यूल पर कार्रवाई…:खासा कैंट आईईडी ब्लास्ट के मामले में पांच महीने के बाद चार आरोपी काबू

भास्कर न्यूज | अमृतसर देहाती पुलिस और एजेंसी ने मिलकर दो मामलों में सात आरोपियों को काबू करके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। हैंड ग्रेनेड और एक पिस्तौल के साथ पकड़े गए मोगा के तीन आरोपियों की निशानदेही पर चौथे आरोपी को काबू कर लिया है। वहीं दूसरे मामले में पांच महीने पहले खासा आर्मी वॉल के बाहर आईईडी धमाका के मामले में अटारी के तीन आरोपियों को काबू कर लिया है। आईजी बार्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि शुरुआती जांच में इस मॉड्यूल के विदेशी तस्करों और आईएसआई से जुड़े लोगों के साथ कथित संबंध सामने आए हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है। पहले हैंड ग्रेनेड और पिस्तौल बरामद मामले में केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। आरोपियों की पहचान मोगा के धर्मकोट स्थित गांव फतेहगढ़ कोरोटाना के रहने वाले नवदीप सिंह और मोगा के गांव मेनेवाला के रहने वाले सैमुअल उर्फ सीमू व संदीप सिंह उर्फ टिड्डी के रूप में हुई है। पुलिस ने इन्हें बाइक पर जाते समय पकड़ा। तलाशी में हैंड ग्रेनेड, एक ग्लॉक पिस्तौल और 5 जिंदा कारतूस मिले। इस संबंध में थाना घरिंडा में 11 अक्टूबर को केस दर्ज किया गया। उनकी निशानदेही पर चौथे आरोपी हरमन को भी पुलिस ने मोगा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं, आगे ओर भी खुलासे होने की संभावना है। दूसरे मामले में गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 5 मई की दरिमियानी रात करीब 11 बजे खासा कैंटोनमेंट में आर्मी के ब्रिगेड सिक्योरिटी की दीवार के पास हुए आईईडी धमाके के मामले में भी पुलिस ने अटारी के रहने वाले तीन आरोपियों को काबू कर लिया है। इस मामले में अटारी की पुरानी दाना मंडी के रहने वाले रामदीप सिंह, जजप्रीत सिंह और अर्शदीप सिंह उर्फ केकड़ा को गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी अमृतसर ग्रामीण कंवलप्रीत सिंह चहल ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाई थी। पुलिस के मुताबिक, सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर मनमीत सिंह और थाना घरिंडा के एसएचओ इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह की टीम ने जांच और तकनीकी पड़ताल के बाद आरोपियों को पकड़ा। इस धमाके के संबंध में थाना घरिंडा में 6 मई 2026 को केस दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि अरोपियों में रमनदीप सिंह और जजप्रीत सिंह आईईडी को अटारी बार्डर से उठाया था। उसके बाद अर्शदीप सिंह ने एक अन्य आरोपी के साथ बाइक पर सवार होकर आर्मी कैंट के वाल की रैकी करने के बाद वहां आईईडी को लगाया था। आरोपियों ने अपने मोबाइल से आईईडी को कनेक्ट किया था, जो दूर खड़े होकर धमाका किया। आरोपियों ने इस धमाके की वीडियो भी बनाई थी। अभी दो ओर आरोपी पकड़े बाकी है। पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। आगे खुलासा किया जाएगा। दोनों मामलों का मुख्य मास्टरमाइंड पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी है। आईईडी मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि यह धमाका शहजाद भट्टी ने ही करवाया था। इसी 5 मई को जालंधर के बीएसएफ कैंप के गेट पर भी शहजाद भट्टी ने तकरीबन रात 8 बजे धमाका करवाया था और रात 11 बजे खासा आर्मी कैंट की दीवार के पास ब्लास्ट करवाया था। जालंधर मामले में आरोपी पकड़ा गया था, लेकिन अमृतसर केस के आरोपी पांच महीने से फरार चल रहे थे। वहीं, हैंड ग्रेनेड और पिस्तौल के साथ पकड़े गए मोगा के आरोपियों से पूछताछ में भी शहजाद भट्टी का नाम सामने आया है। उसने एक सीनियर पुलिस अधिकारी को गोली मारने और सरकारी बिल्डिंग पर धमाका करने का टारगेट दिया था।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *