ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव में होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर भी विवाद छिड़ा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अनुसार इस जलमार्ग पर अमेरीकी नेवी का कंट्रोल है और वह इसे जल्द ही अमेरिकी क्षेत्र घोषित कर सकते हैं। अमेरिका के अनुसार ईरान से व्यापार करने वाले देशों के अलावा होर्मुज स्ट्रेट सभी के लिए खुला हुआ है। वहीँ ईरान की तरफ से साफ कर दिया जा चुका है कि होर्मुज स्ट्रेट पर हमेशा से उनका ही कंट्रोल रहा है और इनके द्वारा बताए मार्ग से ही सभी जहाजों को गुज़रना होगा। इसी बीच अब आईआरजीसी – इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC – Islamic Revolutionary Guard Corps) ने होर्मुज स्ट्रेट के पास समुद्री क्षेत्र में नए प्रतिबंधों की घोषणा कर दी है।
प्रतिबंधित समुद्री इलाके की घोषणा
आईआरजीसी ने आज, बुधवार, 9 सितंबर को एक बयान जारी करते हुए कहा कि प्रतिबंधित समुद्री इलाका चाबहार से लेकर ओमान की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों तक फैला होगा। आईआरजीसी ने यह भी साफ कर दिया कि होर्मुज स्ट्रेट के प्रतिबंधित इलाके से अगर कोई भी जहाज गुज़रा, तो उस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
ओमान के साथ अस्थायी संयुक्त शिपिंग कॉरिडोर तय करने बातचीत जारी
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने एक साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुज़रने के लिए एक अस्थायी रास्ते को तय करने को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत अपने आखिरी चरण में पहुंच गई है। बघाई ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल (Israel) की सैन्य आक्रामकता के कारण होर्मुज स्ट्रेट में असुरक्षा है। इसी वजह से ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट में एक अस्थायी संयुक्त शिपिंग कॉरिडोर बनाने पर बातचीत चल रही है।
इसके साथ ही इस जलमार्ग से बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए एक संयुक्त परियोजना को लागू करने के समझौते पर भी काम किया जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट में एक स्थायी शिपिंग कॉरिडोर तय करने, होर्मुज स्ट्रेट के भविष्य के प्रशासन और जलमार्ग में सूचनाओं के आदान-प्रदान, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक तंत्र बनाने जैसे मुद्दों पर काम करने के लिए ईरान और ओमान के बीच बातचीत चल रही है और जल्द ही दोनों देशों के बीच डील हो सकती है।


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