मसूद पेज़ेशकियान की दो-टूक – ‘जब तक अमेरिका को पछतावा नहीं होता, तब तक पूरी ताकत से सामना करेगा ईरान’

मसूद पेज़ेशकियान की दो-टूक – ‘जब तक अमेरिका को पछतावा नहीं होता, तब तक पूरी ताकत से सामना करेगा ईरान’

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच ताज़ा हमलों के बाद स्थिति काफी गंभीर हो गई है और सिर्फ दोनों देशों में ही नहीं, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव है। दोनों देशों के बीच जुबानी जंग भी जारी है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर शब्दों के वार कर रहे हैं। इसी बीच अब ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने बड़ा बयान दिया है।

“पूरी ताकत से सामना करेगा ईरान”

पेज़ेशकियान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “ईरान ने हमेशा युद्ध का विरोध किया है और माना है कि लोगों के हितों की रक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा इसी में है कि संघर्ष को भड़काने से बचा जाए। हालांकि जिस तरह से ईरान ने आज तक दुश्मन का डटकर सामना किया है, उसी तरह हमारा देश पूरी ताकत से आक्रामकता का सामना करेगा और यह प्रतिरोध तब तक जारी रखेगा जब तक कि अमेरिका पूरी तरह पछतावे की स्थिति में न आ जाएं। इसके साथ ही हमारा देश हमेशा महान ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का संरक्षक बना रहेगा।”

अमेरिका पर हमले की दी धमकी

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने अमेरिकी युद्ध (रक्षा) मंत्री पीट हेग्सेथ (Pete Hegseth) की धमकी के जवाब में अमेरिका को धमकी देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “बात साफ है कि यहाँ तेल और गैस का प्रोडक्शन नेटवर्क बहुत बड़ा है, जिस तक आसानी से पहुँचा जा सकता है और वो असुरक्षित है। इन इलाकों और सुविधाओं में काम करने वाली अमेरिकी तेल और गैस कंपनियाँ भी इसी जोखिम का सामना करती हैं। अगर अमेरिका हमारी संपत्तियों पर हमला करेगा, तो अमेरिका पर भी हमला होगा। हमने यह पहले ही साबित कर दिया है। यह बात उन सैन्य ठिकानों से पूछिए जो अब काम के नहीं रहे।”

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हेग्सेथ ने ईरान को धमकी देते हुए लिखा था कि अगर ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर गोली चलाई, तो अमेरिकी सेना उनके तेल टैंकरों को नष्ट करते हुए डुबो देंगे। हेग्सेथ ने कहा था कि ईरानी सेना को अमेरिकी नेवी पर गोली नहीं चलानी चाहिए क्योंकि ईरान का तेल टैंकर बेड़ा असुरक्षित है और ईरान के पास कोई नेवी या एयरफोर्स नहीं है और अमेरिका के विमान, जहाज और पनडुब्बियाँ उन सभी पर हमला कर सकते हैं।

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