कैमूर की एक अदालत ने गांजा तस्करी के मामले में दुखंती साह उर्फ रामपति गुप्ता को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सेशन जज-II सह विशेष न्यायाधीश NDPS विनय प्रकाश तिवारी की अदालत ने यह फैसला दिया। यह मामला भभुआ थाना कांड संख्या 344/2009 से जुड़ा है। दुखंती साह उर्फ रामपति गुप्ता स्वर्गीय गुपुत साह का बेटा है। वह कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र की वीआईपी कॉलोनी का रहने वाला है। अदालत ने उसे अवैध गांजा तस्करी का दोषी पाया। उसे NDPS एक्ट की धारा 20(b)(ii)(B) के तहत 4 साल 3 महीने की जेल हुई है। साथ ही, उस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर आरोपी को 1 साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक श्री मिथिलेश कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष की पैरवी की। उनकी भूमिका की काफी तारीफ की गई है। कैमूर पुलिस की तेज जांच और मजबूत सबूतों के कारण आरोपी को सजा मिल पाई। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। कैमूर की एक अदालत ने गांजा तस्करी के मामले में दुखंती साह उर्फ रामपति गुप्ता को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सेशन जज-II सह विशेष न्यायाधीश NDPS विनय प्रकाश तिवारी की अदालत ने यह फैसला दिया। यह मामला भभुआ थाना कांड संख्या 344/2009 से जुड़ा है। दुखंती साह उर्फ रामपति गुप्ता स्वर्गीय गुपुत साह का बेटा है। वह कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र की वीआईपी कॉलोनी का रहने वाला है। अदालत ने उसे अवैध गांजा तस्करी का दोषी पाया। उसे NDPS एक्ट की धारा 20(b)(ii)(B) के तहत 4 साल 3 महीने की जेल हुई है। साथ ही, उस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर आरोपी को 1 साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक श्री मिथिलेश कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष की पैरवी की। उनकी भूमिका की काफी तारीफ की गई है। कैमूर पुलिस की तेज जांच और मजबूत सबूतों के कारण आरोपी को सजा मिल पाई। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

