अररिया शहर में रविवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के समापन के बाद भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। इस दौरान निकली विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों से शहर का माहौल भक्तिमय बना रहा। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सुबह से मंदिरों में हुई विशेष पूजा-अर्चना विसर्जन से पहले शहर के विभिन्न कृष्ण मंदिरों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना की गई। दोपहर करीब तीन बजे श्रीकृष्ण प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकाली गई। यात्रा कृष्णपुरी स्थित श्री श्री 108 राधा कृष्ण मंदिर और खरैया बस्ती कृष्ण मंदिर से शुरू हुई। मुख्य सड़कों से त्रिसुलिया घाट पहुंची यात्रा विसर्जन यात्रा शहर की प्रमुख सड़कों से होते हुए त्रिसुलिया घाट स्थित परमान नदी के किनारे पहुंची। यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण के साथ भगवान वासुदेव, माता यशोदा और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी शामिल थीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा में शामिल हुए। जयकारों से गूंजता रहा शहर श्रद्धालु ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय मदन गोपाल’ और ‘जय कन्हैया लाल की’ जैसे जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। भक्ति गीतों और ‘गोकुल में बड़ी बधाइयां’ जैसे पारंपरिक गीतों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। इससे पूरे शहर में कृष्ण भक्ति का माहौल बना रहा। नम आंखों से दी भगवान को विदाई त्रिसुलिया घाट पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान श्रीकृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन किया। भगवान की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह के साथ भावुकता भी नजर आई। 25 वर्षों से मंदिर में हो रहा आयोजन श्री श्री 108 राधा कृष्ण मंदिर, कृष्णपुरी वार्ड संख्या-9 के अध्यक्ष ललन यादव, देवानंद यादव, प्रमोद यादव और अजय यादव ने बताया कि मंदिर में पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रतिमा स्थापित कर भव्य आयोजन किया जाता है। जन्माष्टमी समारोह के समापन के बाद हर वर्ष श्रद्धा और उल्लास के साथ विसर्जन यात्रा निकाली जाती है। इस वर्ष भी आयोजित विसर्जन यात्रा ने अररिया शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक रंग भर दिया। अररिया शहर में रविवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के समापन के बाद भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। इस दौरान निकली विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों से शहर का माहौल भक्तिमय बना रहा। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सुबह से मंदिरों में हुई विशेष पूजा-अर्चना विसर्जन से पहले शहर के विभिन्न कृष्ण मंदिरों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना की गई। दोपहर करीब तीन बजे श्रीकृष्ण प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकाली गई। यात्रा कृष्णपुरी स्थित श्री श्री 108 राधा कृष्ण मंदिर और खरैया बस्ती कृष्ण मंदिर से शुरू हुई। मुख्य सड़कों से त्रिसुलिया घाट पहुंची यात्रा विसर्जन यात्रा शहर की प्रमुख सड़कों से होते हुए त्रिसुलिया घाट स्थित परमान नदी के किनारे पहुंची। यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण के साथ भगवान वासुदेव, माता यशोदा और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी शामिल थीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा में शामिल हुए। जयकारों से गूंजता रहा शहर श्रद्धालु ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय मदन गोपाल’ और ‘जय कन्हैया लाल की’ जैसे जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। भक्ति गीतों और ‘गोकुल में बड़ी बधाइयां’ जैसे पारंपरिक गीतों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। इससे पूरे शहर में कृष्ण भक्ति का माहौल बना रहा। नम आंखों से दी भगवान को विदाई त्रिसुलिया घाट पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान श्रीकृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन किया। भगवान की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह के साथ भावुकता भी नजर आई। 25 वर्षों से मंदिर में हो रहा आयोजन श्री श्री 108 राधा कृष्ण मंदिर, कृष्णपुरी वार्ड संख्या-9 के अध्यक्ष ललन यादव, देवानंद यादव, प्रमोद यादव और अजय यादव ने बताया कि मंदिर में पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रतिमा स्थापित कर भव्य आयोजन किया जाता है। जन्माष्टमी समारोह के समापन के बाद हर वर्ष श्रद्धा और उल्लास के साथ विसर्जन यात्रा निकाली जाती है। इस वर्ष भी आयोजित विसर्जन यात्रा ने अररिया शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक रंग भर दिया।

