अररिया में दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला अग्निशमन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से दुर्गा पूजा संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। सही इस्तेमाल की जानकारी सुनिश्चित करने की अपील मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी, अररिया भी उपस्थित थे। बैठक में जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने पूजा समितियों से पंडालों में अग्निशामक यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था रखने और उनके सही इस्तेमाल की जानकारी सुनिश्चित करने की अपील की। बिजली के तारों और जनरेटर की जांच पर जोर बैठक में पंडालों में इस्तेमाल होने वाले बिजली के तारों, लाइटों, स्विच बोर्ड और जनरेटर की नियमित जांच कराने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने शॉर्ट सर्किट से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विद्युत सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की आवश्यकता बताई। साथ ही, पंडालों की बनावट और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने पर भी जोर दिया गया। निकास द्वार हों खुले, आपात सेवाओं के लिए रास्ता जरूरी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पंडालों में प्रवेश और निकास द्वारों को स्पष्ट एवं बाधामुक्त रखने की जरूरत बताई गई। बैठक में कहा गया कि आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आवागमन के रास्ते खुले रखना और भीड़ को व्यवस्थित बनाए रखना आवश्यक है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने अग्निशमन वाहनों, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में संबंधित विभाग को तत्काल सूचना देने की अपील की गई, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। जनप्रतिनिधियों से जागरूकता बढ़ाने की अपील बैठक में जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों की पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने और लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। सुरक्षा व्यवस्था में कमी मिलने पर उसे समय रहते दूर कराने में सहयोग देने को कहा गया। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि सतर्कता, सुरक्षा मानकों के अनुपालन और सामूहिक सहयोग से दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके। सभी पूजा समितियों एवं संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों से सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने की अपील की गई। अररिया में दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला अग्निशमन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से दुर्गा पूजा संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। सही इस्तेमाल की जानकारी सुनिश्चित करने की अपील मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी, अररिया भी उपस्थित थे। बैठक में जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने पूजा समितियों से पंडालों में अग्निशामक यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था रखने और उनके सही इस्तेमाल की जानकारी सुनिश्चित करने की अपील की। बिजली के तारों और जनरेटर की जांच पर जोर बैठक में पंडालों में इस्तेमाल होने वाले बिजली के तारों, लाइटों, स्विच बोर्ड और जनरेटर की नियमित जांच कराने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने शॉर्ट सर्किट से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विद्युत सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की आवश्यकता बताई। साथ ही, पंडालों की बनावट और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने पर भी जोर दिया गया। निकास द्वार हों खुले, आपात सेवाओं के लिए रास्ता जरूरी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पंडालों में प्रवेश और निकास द्वारों को स्पष्ट एवं बाधामुक्त रखने की जरूरत बताई गई। बैठक में कहा गया कि आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आवागमन के रास्ते खुले रखना और भीड़ को व्यवस्थित बनाए रखना आवश्यक है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने अग्निशमन वाहनों, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में संबंधित विभाग को तत्काल सूचना देने की अपील की गई, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। जनप्रतिनिधियों से जागरूकता बढ़ाने की अपील बैठक में जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों की पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने और लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। सुरक्षा व्यवस्था में कमी मिलने पर उसे समय रहते दूर कराने में सहयोग देने को कहा गया। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि सतर्कता, सुरक्षा मानकों के अनुपालन और सामूहिक सहयोग से दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके। सभी पूजा समितियों एवं संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों से सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने की अपील की गई।

