किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड में सुखानी थाना क्षेत्र के तातपौआ पंचायत स्थित कादोगांव रेलवे हॉल्ट के पास रेलवे पटरी के नीचे मिट्टी खिसकने से हादसे का खतरा बढ़ गया है। रेल लाइन के नीचे मिट्टी कटने से सुरंग जैसी स्थिति बन गई है। इससे स्थानीय लोगों में दहशत है और किसी भी समय रेल परिचालन के लिए गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। पटरी के नीचे से खिसकती गई मिट्टी, बनी सुरंग जैसी स्थिति बताया जा रहा है कि अररिया-गलगलिया रेलखंड पर कादोगांव हॉल्ट के समीप रेल लाइन का किनारा कटकर नीचे की ओर बह गया है। इससे पटरी के नीचे खाली जगह बन गई है। यदि मिट्टी का कटाव आगे बढ़ता है तो रेलवे ट्रैक की मजबूती प्रभावित हो सकती है। बोरियों में मिट्टी भरकर की गई रोकथाम, फिर भी खतरा कटाव को रोकने के लिए रेलवे लाइन के किनारे बोरियों में मिट्टी भरकर डाली गई है। हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार यह व्यवस्था फिलहाल पर्याप्त नहीं दिख रही है। पटरी के नीचे मिट्टी खिसकने की स्थिति को देखते हुए स्थायी मरम्मत की जरूरत है। लोगों बोले-समय रहते नहीं हुआ काम तो बड़ा हादसा रेलवे पटरी के नीचे सुरंग जैसी स्थिति बनने की सूचना से आसपास के लोगों में चिंता है। लोगों का कहना है कि इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन होता है। ऐसे में अगर समय रहते ट्रैक के नीचे की मिट्टी को मजबूत नहीं किया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। रेलवे को मिली सूचना, इंजीनियरों की टीम करेगी निरीक्षण मामले में रेलवे अधिकारी SDRM डी. वर्मा ने दैनिक भास्कर को फोन पर बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिल गई है। उन्होंने कहा कि आज इंजीनियर और रेलवे के अधिकारी को मौके पर भेजा जा रहा है। स्थिति की जांच के बाद तत्काल मरम्मत कार्य कराया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके। अररिया-गलगलिया रेलखंड सीमांचल को जोड़ता है अररिया से गलगलिया तक नए रेलखंड की लंबाई करीब 110 से 111 किलोमीटर है। यह पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार डिवीजन के अंतर्गत आता है। रेलखंड बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमांचल क्षेत्र को जोड़ता है। इसी रेलखंड पर ठाकुरगंज और पौआखाली के बीच कादोगांव रेलवे हॉल्ट स्थित है, जहां पटरी के नीचे मिट्टी कटने का मामला सामने आया है। किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड में सुखानी थाना क्षेत्र के तातपौआ पंचायत स्थित कादोगांव रेलवे हॉल्ट के पास रेलवे पटरी के नीचे मिट्टी खिसकने से हादसे का खतरा बढ़ गया है। रेल लाइन के नीचे मिट्टी कटने से सुरंग जैसी स्थिति बन गई है। इससे स्थानीय लोगों में दहशत है और किसी भी समय रेल परिचालन के लिए गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। पटरी के नीचे से खिसकती गई मिट्टी, बनी सुरंग जैसी स्थिति बताया जा रहा है कि अररिया-गलगलिया रेलखंड पर कादोगांव हॉल्ट के समीप रेल लाइन का किनारा कटकर नीचे की ओर बह गया है। इससे पटरी के नीचे खाली जगह बन गई है। यदि मिट्टी का कटाव आगे बढ़ता है तो रेलवे ट्रैक की मजबूती प्रभावित हो सकती है। बोरियों में मिट्टी भरकर की गई रोकथाम, फिर भी खतरा कटाव को रोकने के लिए रेलवे लाइन के किनारे बोरियों में मिट्टी भरकर डाली गई है। हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार यह व्यवस्था फिलहाल पर्याप्त नहीं दिख रही है। पटरी के नीचे मिट्टी खिसकने की स्थिति को देखते हुए स्थायी मरम्मत की जरूरत है। लोगों बोले-समय रहते नहीं हुआ काम तो बड़ा हादसा रेलवे पटरी के नीचे सुरंग जैसी स्थिति बनने की सूचना से आसपास के लोगों में चिंता है। लोगों का कहना है कि इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन होता है। ऐसे में अगर समय रहते ट्रैक के नीचे की मिट्टी को मजबूत नहीं किया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। रेलवे को मिली सूचना, इंजीनियरों की टीम करेगी निरीक्षण मामले में रेलवे अधिकारी SDRM डी. वर्मा ने दैनिक भास्कर को फोन पर बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिल गई है। उन्होंने कहा कि आज इंजीनियर और रेलवे के अधिकारी को मौके पर भेजा जा रहा है। स्थिति की जांच के बाद तत्काल मरम्मत कार्य कराया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके। अररिया-गलगलिया रेलखंड सीमांचल को जोड़ता है अररिया से गलगलिया तक नए रेलखंड की लंबाई करीब 110 से 111 किलोमीटर है। यह पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार डिवीजन के अंतर्गत आता है। रेलखंड बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमांचल क्षेत्र को जोड़ता है। इसी रेलखंड पर ठाकुरगंज और पौआखाली के बीच कादोगांव रेलवे हॉल्ट स्थित है, जहां पटरी के नीचे मिट्टी कटने का मामला सामने आया है।

