अररिया की शिक्षिका बेबी अर्चना को राजकीय शिक्षक पुरस्कार:9 प्रखंडों के 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं को डीएम ने किया सम्मानित

अररिया की शिक्षिका बेबी अर्चना को राजकीय शिक्षक पुरस्कार:9 प्रखंडों के 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं को डीएम ने किया सम्मानित

अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड की शिक्षिका बेबी अर्चना को शिक्षक दिवस के अवसर पर राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मध्य विद्यालय कुंवाड़ी में विशिष्ट शिक्षिका के रूप में कार्यरत बेबी अर्चना को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान मिला है। उनके सम्मानित होने से विद्यालय सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। नौ प्रखंडों के 19 शिक्षक-शिक्षिकाएं सम्मानित शिक्षक दिवस के अवसर पर अररिया समाहरणालय स्थित परमान सभागार में शिक्षक सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के नौ प्रखंडों से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने सभी सम्मानित शिक्षकों को अंगवस्त्र और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए। डीएम बोले- शिक्षक राष्ट्र निर्माण की अहम कड़ी समारोह को संबोधित करते हुए डीएम विनोद दूहन ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शिक्षा ही राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिले अररिया में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होने से विकास की गति और तेज होगी। नियमित पढ़ाई और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने पर जोर डीएम ने शिक्षकों से विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने की अपील की। उन्होंने नियमित पढ़ाई, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और उनके सीखने के स्तर में लगातार सुधार पर जोर दिया। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने और पढ़ाने के लिए नए एवं प्रभावी तरीकों को अपनाने की बात कही। अनुशासन और चरित्र निर्माण भी शिक्षा का हिस्सा डीएम ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है। बच्चों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और अच्छे चरित्र का निर्माण करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में बेहतर भविष्य के लिए आगे बढ़ने की भावना विकसित करने का आह्वान किया। बेबी अर्चना ने ग्रामीण बच्चों को बनाया लक्ष्य राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित बेबी अर्चना वर्ष 2013 में शिक्षिका बनी थीं। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की जरूरत और क्षमता को समझकर उन्हें पढ़ाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता रही है। विद्यालय के प्रति समर्पण और बच्चों की शिक्षा के लिए उनकी लगातार मेहनत ने उन्हें यह सम्मान दिलाया। सम्मान मिलने पर बेबी अर्चना ने इसे अपने लिए गर्व और खुशी का पल बताया। इन शिक्षकों को भी मिला सम्मान सम्मानित होने वाले शिक्षकों में बिश्वनाथ पासवान, हीना नाज, बसंत कुमार झा, सुधांशु कुमार तिवारी, दिनेश कुमार, अंकुर कुमार और मनीष कुमार समेत 19 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे। इनमें प्रधान शिक्षिकाएं राशदा खानम और रुही कुमारी तथा शिक्षिका प्रीति कुमारी भी शामिल थीं। समारोह में जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड की शिक्षिका बेबी अर्चना को शिक्षक दिवस के अवसर पर राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मध्य विद्यालय कुंवाड़ी में विशिष्ट शिक्षिका के रूप में कार्यरत बेबी अर्चना को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान मिला है। उनके सम्मानित होने से विद्यालय सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। नौ प्रखंडों के 19 शिक्षक-शिक्षिकाएं सम्मानित शिक्षक दिवस के अवसर पर अररिया समाहरणालय स्थित परमान सभागार में शिक्षक सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के नौ प्रखंडों से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने सभी सम्मानित शिक्षकों को अंगवस्त्र और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए। डीएम बोले- शिक्षक राष्ट्र निर्माण की अहम कड़ी समारोह को संबोधित करते हुए डीएम विनोद दूहन ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शिक्षा ही राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिले अररिया में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होने से विकास की गति और तेज होगी। नियमित पढ़ाई और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने पर जोर डीएम ने शिक्षकों से विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने की अपील की। उन्होंने नियमित पढ़ाई, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और उनके सीखने के स्तर में लगातार सुधार पर जोर दिया। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने और पढ़ाने के लिए नए एवं प्रभावी तरीकों को अपनाने की बात कही। अनुशासन और चरित्र निर्माण भी शिक्षा का हिस्सा डीएम ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है। बच्चों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और अच्छे चरित्र का निर्माण करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में बेहतर भविष्य के लिए आगे बढ़ने की भावना विकसित करने का आह्वान किया। बेबी अर्चना ने ग्रामीण बच्चों को बनाया लक्ष्य राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित बेबी अर्चना वर्ष 2013 में शिक्षिका बनी थीं। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की जरूरत और क्षमता को समझकर उन्हें पढ़ाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता रही है। विद्यालय के प्रति समर्पण और बच्चों की शिक्षा के लिए उनकी लगातार मेहनत ने उन्हें यह सम्मान दिलाया। सम्मान मिलने पर बेबी अर्चना ने इसे अपने लिए गर्व और खुशी का पल बताया। इन शिक्षकों को भी मिला सम्मान सम्मानित होने वाले शिक्षकों में बिश्वनाथ पासवान, हीना नाज, बसंत कुमार झा, सुधांशु कुमार तिवारी, दिनेश कुमार, अंकुर कुमार और मनीष कुमार समेत 19 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे। इनमें प्रधान शिक्षिकाएं राशदा खानम और रुही कुमारी तथा शिक्षिका प्रीति कुमारी भी शामिल थीं। समारोह में जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।  

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