अम्बेडकरनगर में कोटेदारों ने सप्लाई विभाग और राशन वितरण से जुड़े ठेकेदारों पर मनमानी तथा शोषण का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। सोमवार को कलेक्ट्रेट के निकट अम्बेडकर प्रतिमा के प्रांगण में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कोटेदारों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे ई-पॉस मशीनें जमा कर हड़ताल पर चले जाएंगे। संघ के जिलाध्यक्ष राज कुमार वर्मा उर्फ मेला ने बताया कि विभाग और ठेकेदारों द्वारा नियुक्त निजी बाबू उनके साथ मनमानी कर रहे हैं और विभिन्न तरीकों से उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राशन वितरण व्यवस्था में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं। कोटेदारों ने आरोप लगाया कि गोदामों से मिलने वाले राशन की बोरियों में निर्धारित मात्रा से कम वजन होता है। इसके अतिरिक्त, कई स्थानों पर राशन का माल कोटेदारों की दुकानों तक नहीं पहुंचाया जाता, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने राशन कार्डों में भी अनियमितता का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पात्रता की जांच किए बिना राशन कार्डों में अवैध तरीके से नाम जोड़ने और काटने का काम किया जा रहा है, जिसका सीधा असर राशन वितरण व्यवस्था पर पड़ रहा है। कलेक्ट्रेट पहुंचे कोटेदारों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया और व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो जिले भर के कोटेदार एकजुट होकर मशीनें जमा कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर सकते हैं। कोटेदारों की इस चेतावनी से जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और सप्लाई विभाग की ओर हैं कि कोटेदारों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

