अमेरिका को उत्तर कोरिया की खुली चेतावनी, कहा- सैन्य अभ्यास से कोई गड़बड़ी हुई सारे हथियार इस्तेमाल करेंगे

अमेरिका को उत्तर कोरिया की खुली चेतावनी, कहा- सैन्य अभ्यास से कोई गड़बड़ी हुई सारे हथियार इस्तेमाल करेंगे

us south korea japan military exercise: उत्तर कोरिया ने फिर एक बार साफ संदेश दे दिया है। अगर उसकी सुरक्षा को खतरा पहुंचा तो वह अपने पास मौजूद हर तरह के हथियार और साधनों को इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा।

यह चेतावनी उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने दी है। उन्होंने अमेरिका की अगुवाई वाले सैन्य अभ्यासों को कोरियाई प्रायद्वीप पर बढ़ते तनाव की मुख्य वजह बताया है।

उत्तर कोरिया का सख्त रुख

किम यो जोंग ने राज्य मीडिया के जरिए अपना बयान जारी किया। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका के नेतृत्व में होने वाले बड़े सैन्य अभ्यास, जैसे पैसिफिक वैनगार्ड नौसैनिक अभ्यास, क्षेत्र में तनाव बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को और मजबूत करने के रास्ते से कभी पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर देश की सैन्य संप्रभुता या सुरक्षा हितों को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा दिखा तो सेना तुरंत उपलब्ध सभी साधनों को जुटा लेगी।

पैसिफिक वैनगार्ड अभ्यास क्या था?

यह अभ्यास अगस्त के आखिरी हफ्ते से सितंबर के पहले हफ्ते तक गुआम के पास चला था। इसमें अमेरिका के अलावा दक्षिण कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड की नौसेनाएं शामिल थीं।

उत्तर कोरिया इसे सिर्फ अभ्यास नहीं, बल्कि युद्ध की तैयारी बता रहा है। किम यो जोंग ने इसे अमेरिका की कोशिश बताया कि वह एशिया-पैसिफिक में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अपनी ताकत बढ़ा रहा है।

क्षेत्र में तनाव क्यों बढ़ रहा है?

कोरियाई प्रायद्वीप लंबे समय से तनाव का केंद्र रहा है। उत्तर कोरिया हमेशा ऐसे संयुक्त अभ्यासों को अपने खिलाफ आक्रमण की ड्रेस रिहर्सल मानता है। अमेरिका और उसके सहयोगी इन्हें रक्षात्मक बताते हैं। लेकिन उत्तर कोरिया का रुख साफ है कि जब तक ये अभ्यास चलते रहेंगे, वह अपनी परमाणु ताकत को और बढ़ाता रहेगा।

किम यो जोंग इससे पहले एक और बड़ा बयान दिया था। एक दिन पहले भी उन्होंने परमाणु निरस्त्रीकरण की बातों को खारिज कर दिया था। उनका संदेश घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर है कि उत्तर कोरिया अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा।

बता दें कि किम यो जोंग की भूमिका उत्तर कोरिया में बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। वह अक्सर अंतरराष्ट्रीय मामलों पर मुखर बयान देती हैं। उनका यह नया बयान साफ संकेत देता है कि प्योंगयांग अभी भी अपने परमाणु कार्यक्रम को अपनी सुरक्षा की गारंटी मानता है और उसमें कोई ढील देने को तैयार नहीं है।

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