पंजाब में नशे का डंक लगातार युवाओं की जिंदगी निगल रहा है। ताजा मामला अबोहर के उप-मंडल के अंतर्गत आते गांव दानेवाला सतकोसी से सामने आया है, जहाँ 25 वर्षीय एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि युवक की जान ‘चिट्टे’ (सिंथेटिक ड्रग) की ओवरडोज लेने के कारण गई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर वारिसों के हवाले कर दिया है और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। मृतक की पहचान पवन कुमार (25) पुत्र मंगत निवासी गांव दानेवाला सतकोसी के रूप में हुई है। परिजनों ने खुईयां सरवर पुलिस को दिए बयानों में बताया कि पवन पेशे से दिहाड़ी मजदूरी करता था। बीते दिन वह अपने दोस्त काबल के साथ किसी काम का बहाना बनाकर घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। दोस्त ने खोला राज: ‘ढाणी’ में ली चिट्टे की ओवरडोज परिजनों के मुताबिक, देर शाम उसका दोस्त काबल अकेला घर लौटा और उसने एक खौफनाक सच बताया। काबल ने कबूल किया कि वे दोनों पतरेवाला की एक ढाणी में नशा करने गए थे। वहां नशा करने के दौरान पवन ने ‘चिट्टे’ की ओवरडोज ले ली, जिससे मौके पर ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन तुरंत काबल को साथ लेकर पवन को घर लेकर आए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और पवन दम तोड़ चुका था। नशा बेचने वाले तस्कर का सुराग लगा घटना की सूचना मिलते ही खुईयां सरवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अबोहर के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने जब मृतक के दोस्त काबल को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने बड़ा खुलासा किया। काबल ने पुलिस को बताया कि पतरेवाला की ढाणी में एक व्यक्ति अवैध रूप से नशा बेचने का धंधा करता है, वे दोनों उसी तस्कर से नशा खरीदने गए थे। पुलिस अब उस संदिग्ध नशा तस्कर की तलाश में जुट गई है।
परिवार का इकलौता सहारा था पवन, पसरा मातम पवन की मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक पवन मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता था। उसके पीछे परिवार में तीन बहनें और एक छोटा भाई है, जिनकी जिम्मेदारी पवन के कंधों पर थी। इकलौते कमाऊ बेटे की मौत से हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह बिखर गया है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। दोस्त के बयानों के आधार पर नशा बेचने वाले व्यक्ति की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है। मौत के असली कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

