राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में शुक्रवार को मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के शिविर में नल-जल योजना को लेकर ग्रामीणों और जल निगम के जनरल मैनेजर उमाकांत चौधरी के बीच बहस हो गई। ग्रामीणों ने कई गांवों में पानी नहीं पहुंचने की शिकायत की। इस दौरान GM ने कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा से कहा कि ग्रामीण उनसे अभद्रता कर रहे हैं। यह सुनकर राजगढ़ के भाजपा विधायक अमर सिंह यादव नाराज हो गए। उन्होंने अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा, “चुप रहो, झूठ बोल रहे हो तुम। हमारे एरिया को खा रखा है तुमने, बर्बाद कर दिया।” शिविर में ग्रामीणों ने बताई पानी की समस्या खिलचीपुर के गायत्री मंदिर परिसर में शुक्रवार सुबह 11:30 बजे शिविर लगाया गया था। इसमें कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, एसपी अमित तोलानी, राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव और खिलचीपुर विधायक हजारीलाल दांगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। शिविर में लोगों की समस्याएं सुनने के लिए अलग-अलग विभागों के स्टॉल भी लगाए गए थे। इसी दौरान राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों से लोग नल-जल योजना की शिकायत लेकर पहुंचे। धामनिया जोगी, डालूपुरा, खंडारबे और काला कुंडल सहित कई गांवों के ग्रामीणों ने कहा कि उनके यहां नलों से पानी नहीं आ रहा है। शिकायतें सुनने के बाद विधायक अमर सिंह यादव ने जल निगम के GM उमाकांत चौधरी को मंच के सामने बुलाया। GM बोले- सभी गांवों में पानी पहुंच रहा, ग्रामीणों ने किया विरोध GM उमाकांत चौधरी ने कहा कि सभी गांवों में नल-जल योजना का पानी पहुंच रहा है। इस पर खंडारबे के पूर्व सरपंच देव सिंह तंवर, डालूपुरा के बिरम सिंह चौहान और अन्य ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनके गांवों में पानी नहीं आ रहा है। इसी दौरान अधिकारी और ग्रामीणों के बीच बहस होने लगी। GM ने कलेक्टर से कहा कि ग्रामीण उनसे अभद्रता कर रहे हैं। इस पर विधायक अमर सिंह यादव ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी समस्या बता रहे हैं। वे खुद मंच पर बैठकर पूरी बातचीत देख रहे हैं। अधिकारी शिकायत सुनने के बजाय ग्रामीणों पर ही आरोप लगा रहे हैं। विधायक ने अधिकारी से कहा, “चुप रहो, झूठ बोल रहे हो तुम।” GM ने उनसे कहा कि उनकी बात सुनें। इस पर विधायक ने जवाब दिया, “क्या निवेदन सुनूं तुम्हारा?” उन्होंने कहा कि अधिकारी उनके सामने सरपंच पर चिल्ला रहे हैं, जबकि ग्रामीण सिर्फ अपने गांव की समस्या बता रहे हैं। डालूपुरा के ग्रामीण ने कहा- जांच से क्या होगा, पानी चालू कराइए विधायक ने डालूपुरा के बिरम सिंह चौहान को सामने बुलाया। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि गांव यहां से महज चार किलोमीटर दूर है, फिर भी वहां पानी नहीं पहुंच रहा है। GM ने कहा कि वे कई बार गांव में जाकर जांच कर चुके हैं। इस पर ग्रामीण ने कहा कि बार-बार जांच करने से क्या होगा, पानी चालू कराइए। अधिकारी ने ग्रामीण से पूछा कि उसने ऑपरेटर क्यों नहीं लगाया। ग्रामीण ने जवाब दिया कि ऑपरेटर वह क्यों लगाएगा। इस बातचीत पर विधायक ने फिर नाराजगी जताई। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि अधिकारी समस्या का समाधान करने के बजाय ग्रामीणों से सवाल कर रहे हैं। इसी बीच एक महिला ने नल-जल योजना से जुड़ा आवेदन विधायक को दिया। विधायक ने आवेदन दिखाते हुए कहा कि एक और शिकायत आ गई है। GM बोले- एक साल में 125 से ज्यादा गांवों में चालू कराया पानी GM उमाकांत चौधरी ने कहा कि पिछले एक साल में 125 से ज्यादा गांवों में पानी चालू कराया गया है। इस पर विधायक ने सवाल किया कि जब ग्रामीण सामने खड़े होकर पानी नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं, तो सभी गांवों में पानी पहुंचने का दावा कैसे किया जा रहा है। विधायक ने अधिकारी से कहा कि वे लिखकर दें कि कितने गांवों में वास्तव में पानी चालू है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने भी अधिकारी को गांवों में जाकर वास्तविक स्थिति देखने के निर्देश दिए। इस पर GM ने कहा कि वे कलेक्टर के आदेश का पालन करेंगे और गांवों में जाकर जांच करेंगे। खंडारबे में पाइपलाइन खराब होने की बात कही विधायक ने खंडारबे गांव में पानी नहीं पहुंचने का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि वहां पाइपलाइन क्यों नहीं बिछाई गई और पानी क्यों नहीं आ रहा है। इस दौरान गांव के एक किसान ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि अगर उनके गांव में पानी आ रहा होगा, तो उन्हें फांसी पर लटका दिया जाए। इस पर GM ने बताया कि खंडारबे में पानी चालू कराया गया था, लेकिन पाइपलाइन खराब हो गई। उन्होंने कहा कि लाइन ठीक कराकर पानी चालू कराया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक, फसल कटाई के कारण काम रुका हुआ था, लेकिन अब वहां पानी चालू करा दिया जाएगा। काला कुंडल समेत अन्य गांवों की शिकायतों पर विधायक नाराज शिविर में काला कुंडल के ग्रामीणों ने भी पानी नहीं मिलने की शिकायत की। अलग-अलग गांवों से लगातार शिकायतें आने पर विधायक ने अधिकारी से कहा कि आखिर कितने गांवों की समस्या बताई जाए। उन्होंने जल निगम के कामकाज पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी अपनी गलती स्वीकार करें। विधायक ने कहा कि शिविर में करीब 50 गांवों के लोग बैठे हैं, जहां पानी नहीं पहुंचने की समस्या है। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेने पर जोर दिया। शिविर में कलेक्टर ने अधिकारी को गांवों में जाकर स्थिति देखने के निर्देश दिए। अब देखना होगा कि डालूपुरा, खंडारबे, धामनिया जोगी और काला कुंडल सहित अन्य गांवों में पानी की समस्या कब तक दूर होती है।

