अपहरण के बाद HNC कंस्ट्रक्शन कंपनी के स्टाफ की हत्या:पिपरातरी जंगल से शव बरामद, आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने की कार्रवाई

अपहरण के बाद HNC कंस्ट्रक्शन कंपनी के स्टाफ की हत्या:पिपरातरी जंगल से शव बरामद, आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने की कार्रवाई

गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र के खटपोंक में एचएनसी कंस्ट्रक्शन कंपनी के स्टाफ मंजेश कुमार की अपहरण के बाद निर्मम हत्या कर दी गई। मंगलवार पुलिस ने मुख्य आरोपी की निशानदेही पर सीमावर्ती बिहार के चिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरातरी जंगल से उसका शव बरामद किया। शव पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। प्रारंभिक जांच में पीट-पीटकर और पत्थर से कुचलकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, बीते रविवार की शाम मंजेश कुमार निर्माण स्थल की ओर जा रहा था। मंजेश ने बाइक से कूदकर भागने का प्रयास किया
इसी दौरान बाइक सवार अपराधियों ने उसे जबरन अपनी बाइक पर बैठा लिया और अपने साथ ले गए। बताया जाता है कि रास्ते में मंजेश ने बाइक से कूदकर भागने का प्रयास किया, लेकिन अपराधियों ने उसे दोबारा पकड़ लिया। इसके बाद से ही वह लापता था। घटना की सूचना मिलने के बाद तिसरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। गंभीरता को देखते हुए खोरीमहुआ एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने खटपोंक निवासी पिंटू यादव को हिरासत में लिया। वहीं, उसकी निशानदेही पर मंगलवार को बिहार के पिपरातरी जंगल से मंजेश का शव बरामद किया गया। चल रहे निर्माण कार्य की देखरेख करता था
बताया जाता है कि मृतक मंजेश कुमार बिहार के लखीसराय जिले का रहने वाला था और तिसरी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य की देखरेख करता था। उसे करीब 10 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था। परिजनों का कहना है कि मंजेश ईमानदार स्वभाव का था और काम में किसी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करता था। इसी वजह से कुछ लोगों ने साजिश रचकर उसकी हत्या कर दी। हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया
मृतक अपने पीछे पत्नी, दो छोटे बच्चे, माता-पिता और भाई को छोड़ गया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है। वारदात में करीब आठ से नौ लोगों के शामिल होने की सूचना है, जिनमें कई लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक राजकुमार यादव तिसरी थाना पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कंपनी मालिक से फोन पर बात कर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र के खटपोंक में एचएनसी कंस्ट्रक्शन कंपनी के स्टाफ मंजेश कुमार की अपहरण के बाद निर्मम हत्या कर दी गई। मंगलवार पुलिस ने मुख्य आरोपी की निशानदेही पर सीमावर्ती बिहार के चिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरातरी जंगल से उसका शव बरामद किया। शव पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। प्रारंभिक जांच में पीट-पीटकर और पत्थर से कुचलकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, बीते रविवार की शाम मंजेश कुमार निर्माण स्थल की ओर जा रहा था। मंजेश ने बाइक से कूदकर भागने का प्रयास किया
इसी दौरान बाइक सवार अपराधियों ने उसे जबरन अपनी बाइक पर बैठा लिया और अपने साथ ले गए। बताया जाता है कि रास्ते में मंजेश ने बाइक से कूदकर भागने का प्रयास किया, लेकिन अपराधियों ने उसे दोबारा पकड़ लिया। इसके बाद से ही वह लापता था। घटना की सूचना मिलने के बाद तिसरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। गंभीरता को देखते हुए खोरीमहुआ एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने खटपोंक निवासी पिंटू यादव को हिरासत में लिया। वहीं, उसकी निशानदेही पर मंगलवार को बिहार के पिपरातरी जंगल से मंजेश का शव बरामद किया गया। चल रहे निर्माण कार्य की देखरेख करता था
बताया जाता है कि मृतक मंजेश कुमार बिहार के लखीसराय जिले का रहने वाला था और तिसरी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य की देखरेख करता था। उसे करीब 10 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था। परिजनों का कहना है कि मंजेश ईमानदार स्वभाव का था और काम में किसी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करता था। इसी वजह से कुछ लोगों ने साजिश रचकर उसकी हत्या कर दी। हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया
मृतक अपने पीछे पत्नी, दो छोटे बच्चे, माता-पिता और भाई को छोड़ गया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है। वारदात में करीब आठ से नौ लोगों के शामिल होने की सूचना है, जिनमें कई लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक राजकुमार यादव तिसरी थाना पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कंपनी मालिक से फोन पर बात कर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।  

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